जोधपुर

जोधपुर में स्थापित होगी प्रदेश की पहली कैडावर लैब

-मेडिकल विद्यार्थी व चिकित्सक जीवित शरीर जैसे सॉफ्ट कैडावर पर करेंगे प्रेक्टिस
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Feb 04, 2019
State's first cadaver lab will be established in Jodhpur
जोधपुर में स्थापित होगी प्रदेश की पहली कैडावर लैब

के. आर. मुण्डियार

जोधपुर.

प्रदेश के मेडिकल विद्यार्थी और चिकित्सक अब जीवित शरीर जैसी लचीली देह पर लाइव सर्जरी की तरह सभी अंगों के ऑपरेशन की प्रेक्टिस कर सकेंगे। जोधपुर के डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में प्रदेश की पहली एेसी कैडावरिक लैब स्थापित की जाएगी। इससे मेडिकल विद्यार्थियों की पढ़ाई व प्रेक्टिस की नई दिशा तय होगी।

डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग में कैडावरिक लैब की संभावना इसलिए भी अधिक है क्योंकि लैब में समय-समय पर मानव देह की जरूरत होगी और प्रदेश में जोधपुर ही ऐसा शहर है जहां हर साल सबसे ज्यादा देहदान हो रहे हैं।

यह लैब स्थापित होने से प्रदेशभर के मेडिकल विद्यार्थियों की स्किल तो बढ़ेगी ही, बल्कि सीएमई, विशेषज्ञों के लेक्चर व शोध प्रदर्शन, एनेस्थिसियालॉजी, कॉर्डियोथोरेसिक सर्जरी, डर्माटोलॉजी, ईएनटी, गाइनोकोलॉजी, ऑर्थोपेडिक, प्लास्टिक सर्जरी, न्यूरोसर्जरी, यूरोलॉजी, एंडोस्कॉपी व माइक्रोस्कॉपी की सर्जीकल ट्रेनिंग में भी यह लैब विशेष भूमिका अदा करेगी। कॉलेज प्रशासन की अनुमति से कार्यालय समय के दौरान प्रदेश के सरकारी या निजी मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ, चिकित्सक या मेडिकल स्टूडेंट्स इस लैब में प्रेक्टिस कर सकेंगे। देश में इस तरह की कैडावरिक लैब दिल्ली एम्स में है।

एक साल पहले हो चुका प्रयोग-

कैडावरिक लैब में काम ली जाने वाली सॉफ्ट देह तैयार करने को लेकर डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में गत वर्ष प्रयोग किया जा चुका है। कॉलेज के एनाटॉमी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. सुषमा कटारिया के अनुसार ऑर्थाेस्कॉपी की राष्ट्रीय कांफ्रेंस में सॉफ्ट बॉडी तैयार कर उपलब्ध कराई गई थी। सॉफ्ट बॉडी तैयार करने में विशेष तरह का केमिकल कम्पोनेंट काम में लिया जाता है। जिससे देह के हाथ-पांव इत्यादि अंग लचीले हो जाते हैं। देह को बैठा भी सकते हैं या जरूरत के अनुसार आसानी से हिला-डुला सकते हैं। जबकि सामान्य देह एक समय बाद सख्त हो जाती है और उस पर प्रेक्टिस करना मुश्किल होता है।

एक करोड़ व्यय का अनुमान-

डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में कैडावरिक लैब के स्थापित करने के लिए एनाटॉमी विभाग के कक्षों का रिनोवेशन, नए उपकरण की खरीद पर करीब एक करोड़ रुपए व्यय होने का अनुमान है। कॉलेज प्राचार्य डॉ. एसएस राठौड़ ने लैब स्थापित करने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा है। प्रस्ताव के अनुसार लैब में माइक्रोस्कोपिक, लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के फुली एक्यूपाइडड 5-5 वर्क स्टेशन बनाने के अलावा रेडियोल्यूसेंट ऑपरेटिंग टेबल, हाइडेफिनेशन की वीडियो व ऑडियो रिकॉर्डिंग सुविधा, इमेजिंग सुविधा, रेडियोलॉजी ऑपरेटिंग सिस्टम सी आर्म आदि उपकरण लगाए जाएंगे।

Published on:
04 Feb 2019 11:58 pm