
अविनाश केवलिया. जोधपुर
हमारी ब्लूसिटी को यह गौरव प्राप्त होगा कि यहां ट्रैफिक नियंत्रण के लिए लूपिंग सिस्टम व विरासत संरक्षण के लिए ब्लू कॉरिडोर का काम एक साथ शुरू किया गया है। प्रसिद्ध आर्किटेक्ट अनूप भरतरिया की टीम ने परकोटा शहर में हेरिटेज कॉरिडोर के लिए सर्वे शुरू किया है। विरासत संरक्षण के लिए क्या काम होंगे और कितने बजट की जरूरत रहेगी इस पर टीम अपनी सर्वे रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। जेडीए जोधपुर के अधिकारियों के साथ तकनीकी टीम ने घंटाघर से लेकर मेहरानगढ़ तक के प्रस्तावित कॉरिडोर को ड्रोन से कैप्चर किया। कहां से कहां तक - घंटाघर से मेहरानगढ़ पैदल मार्ग करीब 900 मीटर तक
क्या होगा - पुरानी हवेलिया का जीर्णोद्धार, ब्लू कलर, इस मार्ग की सडक़ें, सीवरेज सुधार, सीसीटीवी व अन्य सुरक्षा मानकों तैयार किए जाएंगे।
क्यों - पर्यटकों का आकर्षण बढ़ाने और शहर में ज्यादा से ज्यादा पर्यटकों का स्टे हो, इसके लिए प्रयास किए जाए रहे हैं। घंटाघर विकास सबसे महत्वपूर्ण
घंटाघर पहले से ही पर्यटकों के लिए प्रमुख स्पॉट रहा है। लेकिन हेरिटेज विंडो में दुकानों की छतों का कैफेटेरिया के रूप में उपयोग पर मंथन हुआ। ऐसे में छतों का जीर्णोद्धार कर लीज के रूप में इसका उपयोग किया जाएगा। छतों पर किसी प्रकार का नए निर्माण की अनुमति शायद नहीं मिलेगी। ऐसे में पर्यटन सीजन में ओपन कैफे संचालित हो सकते हैं।
इनका भी संरक्षण
- रेलवे स्टेशन से लेकर घंटाघर तक लूपिंग सिस्टम के मार्ग को एकरूपता देने के लिए कई काम होंगे।
- इसमें रेलवे स्टेशन से राजरणदोड़ दास मंदिर की सडक़ के दोनों ओर दुकानों का हेरिटेज विकास।
- राज रणछोड़ मंदिर से पुरी तिराहे तक भी सडक़ डिवाइडर व किनारे दुकानों को एकरूपता।
- सोजती गेट-नई सडक़ के गलियारों को भी हेरिटेज लुक देने का प्रयास किया जाएगा।
साथ ही लूपिंग सिस्टम भी
हेरिटेज संरक्षण के साथ ही टै्रफिक लूपिंग सिस्टम विकास पर भी काम शुरू किया गया है। इसके लिए भी कंसल्टिंग फर्म ने काम शुरू कर दिया है। नई सडक़ चौराहे से लेकर जालोरी गेट तक पहले चरण का लूपिंग सिस्टम प्लान तैयार किया जा रहा है। इसमें टै्रफिक पॉइंट रहित एक तरफा यातायात जो कि बिना रुके लूप लेकर चलता रहे, इसको धरातल पर उतारा जाएगा। इसका बजट भी फिलहाल सर्वे में तैयार होगा।
इनका कहना...
ट्रैफिक लूपिंग सिस्टम व ब्लू कॉरिडोर विकास काफी महत्वपूर्ण है। एरियल सर्वे कंसंटेंट फर्म ने शुरू किया है। सीएम भी खुद इस काम की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। जोधपुर की जो पहचान यहां की विरासत है उसका संरक्षण करना पहली प्राथमिकता है।
- कमर चौधरी, आयुक्त, जेडीए जोधपुर।