जोधपुर

rajasthan high court : बाल अधिकारिता विभाग के मानव संसाधनों की स्थिति बताएं

जोधपुर . राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को बाल अधिकारिता विभाग के वर्तमान स्टाफ की स्थिति का अद्यतन ब्यौरा देने को कहा है। साथ ही पूर्ववर्ती निर्देशों की पालना रिपोर्ट तलब की है।
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Nov 11, 2022
high court
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न्यायाधीश संदीप मेहता तथा न्यायाधीश कुलदीप माथुर की खंडपीठ में स्वप्रेरणा से दर्ज जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान सामाजिक न्याय एवं बाल अधिकारिता विभाग के प्रमुख शासन सचिव डा.समित शर्मा वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। गुरुवार को सुनवाई के दौरान न्याय मित्र ने कोर्ट का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा था कि राज्य सरकार ने 21 अक्टूबर को सामाजिक न्याय एवं बाल अधिकारिता विभाग के अंतर्गत आने वाले विभिन्न कार्यालयों व संस्थाओं में पदों को कम करने का निर्णय किया है। उन्होंने आशंका जताई थी कि इसका सीधा प्रभाव यह होगा कि बाल देखभाल संस्थानों में कर्मचारियों की संख्या में कमी होगी। इस पर खंडपीठ ने प्रमुख सचिव को वीसी से जुड़ते हुए स्पष्टीकरण देने को कहा था। शर्मा ने कोर्ट को संवर्ग के पुनर्गठन के कारणों से अवगत करवाया। कोर्ट ने पाया कि ऐसा वास्तविक और वैध उद्देश्यों के लिए किया गया है, ताकि सभी अधिकारियों को प्रोत्साहन दिया जा सके और वे बेहतर प्रदर्शन कर सकें। न्याय मित्र ने कहा कि बार-बार निर्देश देने के बाद भी आज तक बाल अधिकारिता विभाग के वर्तमान स्टाफ या स्वीकृत कैडर के आंकड़ों को पेश नहीं किया गया है। कोर्ट ने अतिरिक्त महाधिवक्ता अनिल गौड़ को इस संबंध में नवीनतम स्थिति अगली सुनवाई पर पेश करने को कहा है।

Updated on:
11 Nov 2022 11:18 pm
Published on:
11 Nov 2022 11:18 pm