जोधपुर

steel industry– नहीं मिले मजदूर तो चमक खो देगा स्टील उद्योग

- हैण्डीक्राफ्ट-टेक्सटाइल की तरह लेबर से जूंझ रहा स्टील उद्योग - अभी 75 फीसदी मजदूरों की कमी
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Jun 15, 2020
steel industry-- नहीं मिले मजदूर तो चमक खो देगा स्टील उद्योग
steel industry-- नहीं मिले मजदूर तो चमक खो देगा स्टील उद्योग

जोधपुर।

लॉकडाउन व अनलॉक में उद्योगों को खोलने की अनुमति के बाद भी उद्योग पूरी तरह से चालू नहीं हो पाए है। यह समस्या शहर के प्रमुख उद्योगों में शुमार स्टील उद्योग की भी है। समय पर मजदूर नहीं मिले, उत्पादन शुरू नहीं हुआ तो देश में स्टील उत्पादों के प्रमुख केन्द्र के रूप में जोधपुर का स्टील उद्योग अपनी चमक खो देगा। -इन समस्याओं का सामना कर रहा स्टील उद्योग- नहीं मिल रहे इंडस्ट्री की नेचर के लेबर लॉकडाउन में देशभर में पलायन कर गए मजदूरों को उद्योगों की मुख्यधारा से जोडऩे के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से लाया जा रहा है। उद्योगों की कार्यशैली के अनुरूप कुशल मजदूर नहीं आ रहे है। इंडस्ट्री की नेचर के लेबर नहीं मिलने से फैक्ट्रियों में लेबर की कमी एक अन्य कारण है।

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कुल मजदूरों का 25 प्रतिशत ही मजदूर

जोधपुर में स्टील री रोलिंग व बर्तन उद्योग से करीब 15 हजार मजदूर जुड़े हुए है। लॉकडाउन से बड़ी संख्या में मजदूर पलायन कर गए है। वर्तमान में कुल मजदूरों के मुकाबले 3000-3500 मजदूर ही काम कर रहे है।

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सिंगल शिफ्ट में काम, प्लांट की क्षमता से कम उत्पादन

उद्यमियों के अनुसार, फैक्ट्रियों आम दिनों व मांग के अनुरूप अलग-अलग शिफ्टों में काम होता है। अभी स्थिति यह है कि सिंगल शिफ्ट में भी मुश्किल से काम हो रहा है। साथ ही, फैक्ट्रियों में लगे प्लांट व मशीनरी की उत्पादन क्षमता का करीब 25 प्रतिशत ही उत्पादन हो रहा है।

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प्रमुख खपत वाले केन्द्रों से मांग नहीं

लॉकडाउन के कारण पूरा देश बंद रहा। अनलॉक के बाद भी कोविड़ के प्रमुख हॉटस्पॉट शहर अभी लॉकडाउन स्थिति में ही है। ऐसे में देश के स्टील के प्रमुख खपत वाले केन्द्रों मुम्बई, दिल्ली, अहमदाबाद, चैन्नई आदि से बिल्कुल भी मांग नहीं है।

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एक नजर में स्टील उद्योग

- 200 इकाइयां स्टील पाटा व बर्तन

- 15 हजार लेबर जुड़ी है उद्योग से

- 1200 करोड़ रुपए का सालाना टर्नओवर

- 30 हजार टन उत्पादन प्रतिमाह (सामान्य दिनों में )

- 5-7 हजार टन उत्पादन (होली के बाद से अब तक)

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देश में स्टेनलेस पाटा की खपत वाले प्रमुख शहरों में लॉकडाउन की वजह से स्टील की मांग बहुत कम हो गई है। जैसे-जैसे मांग बढेगी, लेबर भी वापस जोधपुर आएगी। मजदूरों को वापस लाने में केन्द्र व राज्य का सहयोग अपेक्षित है।

जीके गर्ग, पूर्व अध्यक्ष

स्टेनलेस स्टील री-रोलर्स एसेासिएशन

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लॉकडाउन से फैक्ट्रियों में स्टील बर्तनों का उत्पादन बंद सा हो गया है। मजदूरों की कमी के कारण ऑर्डर पूरे करने में दिक्कतें आ रही है। मजदूरों को जोडऩे का प्रयास कर रहे है।

प्रकाश जीरावाला, स्टील बर्तन उद्यमी

Published on:
15 Jun 2020 06:00 am