
जोधपुर.
राजस्थान हाईकोर्ट (rajasthan highcourt) ने जयनारायण व्यास टाउन हॉल (Jayanarayan Vyas Town Hall) के पुनरुद्धार और विकास के लिए चार सदस्यीय स्टीयरिंग कमेटी गठन की है। कमेटी प्रस्तावित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) का परीक्षण कर इसे और बेहतर बनाने के सुझाव देगी।
कोर्ट ने प्राप्त सुझावों को अमली जामा पहनाने के लिए जोधपुर विकास प्राधिकरण (JDA) तथा राज्य सरकार (state govt.) को तय समय सीमा में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश देने के साथ ही राज्य के कला एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख शासन सचिव को 9 दिसंबर को कोर्ट के समक्ष उपस्थित होने को कहा है।
वरिष्ठ न्यायाधीश संगीत लोढ़ा और न्यायाधीश विनीतकुमार माथुर की खंडपीठ ने स्वप्रसंज्ञान के आधार पर दर्ज जनहित याचिका की सुनवाई के बाद विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।
स्टीयरिंग कमेटी में राजस्थान संगीत नाटक अकादमी के पूर्व अध्यक्ष रमेश बोराणा, आर्किटेक्ट अनु मृदुल, अधिवक्ता डॉ. सचिन आचार्य और जेडीए के अधिशासी अभियंता योगेश माथुर को सदस्य बनाया गया है।
कमेटी का मुख्य उद्देश्य जैग डिजाइनर्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से टाउन हॉल के लिए तैयार डीपीआर का परीक्षण कर उपयोगी सुझाव देना है। कमेटी को तीन सप्ताह में आवश्यक कार्यवाही करते हुए अपनी रिपोर्ट जोधपुर विकास प्राधिकरण के आयुक्त तथा कोर्ट में पेश करने को कहा गया है।
समय सीमा में बांधी सबकी जिम्मेदारी
जेडीए को यह रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद इस पर विचार विमर्श करते हुए अंतिम प्रस्ताव दो सप्ताह में राज्य सरकार को भेजने होंगे। राज्य सरकार की यह जिम्मेदारी होगी कि यदि अतिरिक्त बजट मांगा जाता है तो प्रस्ताव प्राप्त होने के एक सप्ताह के भीतर उसकी मंजूरी प्रदान करे।
जेडीए को यह सुनिश्चित करना होगा कि यह समूची कवायद, वर्कऑर्डर देने सहित कार्य प्रारंभ करने की समय सीमा तीन महीने से ज्यादा नहीं हो। कमेटी किसी भी स्तर पर पुनरुद्धार व मरम्मत के कार्य की मॉनिटरिंग कर सकेगी, ताकि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता न हो।
संगीत नाटक अकादमी के प्रशासक को टाउन हॉल में स्टाफ की कमी के चलते अवांछनीय गतिविधियां और लोगों का प्रवेश रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।