जोधपुर

कोरोना इफेक्ट – कई स्वर्गाश्रमों में शवों को जलाने के लिए ज्यादा दिनों तक नहीं है लकडिय़ों का स्टॉक

मौत के बाद अंतिम संस्कार यानि शव दाह संस्कार के लिए माटी को इंतजार न करना पड़ जाए। क्योंकि वर्तमान में शहर में स्थित कई समाजों के स्वर्गाश्रम में शव जलाने के लिए लकडिय़ों का ज्यादा दिनों तक स्टॉक नहीं है। लॉक डाउन में पुलिस के डर के चलते डिमांड भेजने के बाद भी लकडिय़ों की सप्लाई स्वर्गाश्रम तक नहीं हो पा रही है।
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stock of woods decreasing in cremations centers in jodhpur
कोरोना इफेक्ट - कई स्वर्गाश्रमों में शवों को जलाने के लिए ज्यादा दिनों तक नहीं है लकडिय़ों का स्टॉक

ओम टेलर/जोधपुर. मौत के बाद अंतिम संस्कार यानि शव दाह संस्कार के लिए माटी को इंतजार न करना पड़ जाए। क्योंकि वर्तमान में शहर में स्थित कई समाजों के स्वर्गाश्रम में शव जलाने के लिए लकडिय़ों का ज्यादा दिनों तक स्टॉक नहीं है। लॉक डाउन में पुलिस के डर के चलते डिमांड भेजने के बाद भी लकडिय़ों की सप्लाई स्वर्गाश्रम तक नहीं हो पा रही है। शहर के प्रताप नगर सिंवाची गेट क्षेत्र में माली समाज, रावणा राजपूत समाज, कायस्थ समाज, अग्रवाल समाज, ओसवाल समाज, जांगिड़ समाज, माहेश्वरी समाज, ब्राह्मण समाज, स्वर्णकार समाज, दशनाम गोस्वामी समाज सहित और भी कई समाजों के श्मशान घाट हैं।

एक-दो को छोड़कर सभी में जलाकर शवों का अंतिम संस्कार किया जाता है। लेकिन वर्तमान में लॉक डाउन के चलते यहां लकडिय़ों की सप्लाई नहीं पहुंच पा रही है। कई समाजों के श्मशान घाटों में लकडिय़ों को ज्यादा दिनों तक स्टॉक नहीं है। ऐसे में अंतिम संस्कार के लिए पहुंचने वाले शवों का दाह संस्कार के लिए इंतजार न करना पड़े इसकी चिंता कई स्वर्गाश्रम संचालित करने वालों के सता रही है।

नहीं आ रही लकडिय़ां
प्रतिमाह माह औसत बारह से पन्द्रह शवों का अंतिम संस्कार रावणा राजपूत समाज के स्वर्गाश्रम में किया जाता है। वर्तमान में ज्यादा दिनों तक लकडिय़ों का स्टॉक नहीं है। डिमांड भेज रखी है लेकिन लकडिय़ों की सप्लाई पुलिस के डर से विक्रेता नहीं कर रहे। हम सेवा कार्य करने यहां आते हैं लेकिन रास्ते में पुलिस जगह-जगह रोकती है। हमें पास दे दिया जाए पुलिस की तरफ से तो कुछ राहत मिले।
- माधोसिंह भाटी, रावणा राजपूत समाज, प्रतापनगर

डिमांड भेज रखी है लेकिन मिल नहीं रही सप्लाई
प्रतिमाह आठ से दस शव अंतिम संस्कार के लिए आते हैं। वर्तमान में लकडिय़ों का स्टॉक दस-पन्द्रह दिनों तक का ही है। डिमांड भेज रखी है लेकिन लॉक डाउन में पुलिस के डर के चलते सप्लाई नहीं पहुंचा रहे।
- राजेन्द्र सांखला, नाथजी का आश्रम

Updated on:
28 Mar 2020 07:38 pm
Published on:
28 Mar 2020 07:38 pm