
जोधपुर. सरकारी दफ्तर का समय 9.30 बजे हैं और एक घंटे बाद भी कार्मिक नहीं पहुंचते हैं। यही हाल चिकित्सालयों और स्कूलों के भी हैं। संभाग के सभी 6 जिलों में पिछले तीन माह में औचक निरीक्षण में 500 से ज्यादा कर्मचारी अनुपस्थित मिले हैं। इनमें से कइयों को नोटिस तो कइयों को चार्जशीट थमाई गई। अब संभाग स्तर के विभागीय अधिकारियों को ही कार्यालयों में समय पर उपस्थिति की नई रूपरेखा बनाई गई है।
संभागीय आयुक्त कार्यालय से उपस्थिति पर मॉनिटरिंग रखने की प्रक्रिया शुरू की गई। सभी विभाग के संभाग स्तरीय अधिकारी अपने अधीनस्थ जिलों से वाट्सएप पर उपस्थिति पंजिका की फोटो मंगवाए और उसे बाद में संभाग स्तरीय टीम के समक्ष रखा जाएगा। हाल ही में संभागीय आयुक्त के पाली दौरे पर स्कूल में शिक्षकों के नहीं मिलने और जालोर में सरकारी कार्मिकों के बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर यह यह कदम उठाया गया है। इससे पहले भी जोधपुर शहर में सरकारी अस्पताल व जेडीए सहित अन्य कार्यालयों में समय पर स्टाफ के नहीं पहुंचने की बात सामने आ चुकी हैं।
दस मिनट से ज्यादा देरी बर्दाश्त नहीं
यदि कार्यालय का समय सुबह 9.30 बजे हैं और 9.40 तक भी कोई नहीं आया है तो उसके नाम के आगे अनुपस्थित लगाकर उसका फोटो स्थानीय विभाग के गु्रप में और इसके बाद संभाग स्तरीय विभाग के गु्रप में शेयर किया जाएगा। बाद में संभागीय आयुक्त की मौजूदगी वाले सभी अधिकारियों के गु्रप में सभी विभाग सुबह 10.30 बजे अपनी उपस्थिति का आंकड़ा शेयर करेंगे।
राजपत्रित अधिकारियों तक की मॉनिटरिंग
फिलहाल राजपत्रित अधिकारियों तक यह मॉनिटरिंग की जा रही है। जिससे कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की उपस्थिति भी समय पर पाबंद कर सके।
कार्यालय के बाहर उपस्थित-अनुपस्थित की जानकारी
स्कूल, अस्पताल और ग्राम पंचायत कार्यालय के बाहर उस दिन उपस्थित और अनुपस्थित कार्मिकों की सूचना लगाई जाए। जिससे जनता को पारदर्शी तरीके से पूरी जानकारी मिल सके।
इनका कहना...
पिछले कुछ निरीक्षणों में कार्मिक बिना बताए गायब मिले हैं। जबकि जवाबदेही के साथ काम करना होता है। इसके लिए संभाग स्तरीय अधिकारियों को उपस्थिति की मॉनिटरिंग करने के लिए नई व्यवस्था लागू की है।
- डॉ. समित शर्मा, संभागीय आयुक्त, जोधपुर।