
जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर एयरपोर्ट पर सुबह और शाम की विमान सेवाओं की संभावनाओं के मद्देनजर ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्यूरिटी द्वारा किए गए सर्वे की रिपोर्ट पर महानिदेशक को अपेक्षित कदम उठाने तथा उसे शीघ्रातिशीघ्र अनुमोदित करने के निर्देश दिए हैं।
वरिष्ठ न्यायाधीश संगीत लोढ़ा तथा न्यायाधीश विनित कुमार माथुर की खंडपीठ में याचिकाकर्ता लिब्रा इंडिया की ओर से दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया कि ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्यूरिटी ने सुबह और शाम की विमान सेवाओं की संभावनाओं को देखते हुए सीआइएसएफ के अतिरिक्त स्टाफ की नियुक्ति की जरूरत का आकलन करते हुए सर्वे पूरा कर लिया है, जिसकी रिपोर्ट अनुमोदन के लिए ब्यूरो के महानिदेशक के पास लंबित हैं।
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टैक्सी वे लिंक का कार्य नहीं हो पाया पूरा
पिछली सुनवाई पर बताया गया था कि एयरपोर्ट पर टैक्सी वे लिंक का कार्य 7 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा, जिसके लिए संवेदक पीआरएल प्रोजेक्ट एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के निदेशक आनंद गर्ग ने कोर्ट में अंडरटेकिंग दी थी। इसके बावजूद टैक्सी वे लिंक का कार्य तय समय तक पूरा नहीं हो पाया। सुनवाई के दौरान एयरपोर्ट निदेशक ने कोर्ट को बताया कि संवेदक के अनुसार यह कार्य अब 30 दिसंबर या इससे पहले तक पूरा कर लिया जाएगा। जबकि किसी पक्ष ने कार्य पूरा नहीं होने की कोई वजह नहीं बताई। इसे गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने पीआरएल प्रोजेेक्ट के निदेशक को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
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सीआइएसएफ ने बताई भावी जरूरत
सीआइएसएफ ने भी कोर्ट में अतिरिक्त शपथ पत्र पेश करते हुए अतिरिक्त शिफ्ट के लिए अपेक्षित स्टाफ व अन्य बुनियादी सुविधाओं की जरूरत बताई, जिसे कोर्ट ने रिकॉर्ड पर लेने के निर्देश देते हुए अगली सुनवाई 3 जनवरी मुकर्रर की है। एयरफोर्स की ओर से बताया गया कि नगर निगम द्वारा हस्तांतरित 37 एकड़ भूमि पर एयरफोर्स अपने संस्थापन स्थानांतरित करने का कार्य अगले साल अक्टूबर तक पूरा करेगा, जिसे जल्दी पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। गौरतलब है कि जिस स्थान से यह संस्थापन स्थानांतरित करके निगम द्वारा आवंटित भूमि पर स्थापित किए जाने हैं, वह स्थान एयरपोर्ट ऑथोरिटी को विस्तार परियोजना के लिए दिया जाना है।