
जोधपुर. जोधपुर दान-पुण्य के लिए प्रसिद्ध है, इन दिनों शहर में नेत्र-देहदान भी एक परंपरा बन चुका है। शहर में गत दो दिनों में चार जनों के नेत्रदान-देहदान हुए।गोलियों की पोल कपड़ा बाज़ार निवासी 62 वर्षीय पारस मल चोपड़ा का गत शुक्रवार आकस्मिक निधन हो गया। उनकी पत्नी चंद्रा ,पुत्र रवि चोपड़ा तथा पुत्री सुरभि भंसाली ने देहदान काउंसलर मनोज मेहता से संपर्क कर देहदान की संपूर्ण प्रक्रिया को समझा तथा चोपड़ा की पार्थिव देह मेडिकल के छात्रों के अध्ययन व अनुसंधान के लिए डॉ.एसएन मेडिकल कॉलेज को शनिवार को समर्पित की। पुत्र रवि चोपड़ा ने बताया कि पिता पारसमल सा ने अपने जीवन काल में देहदान का संकल्प पत्र नहीं भरा था, परंतु पारिवारिक सहमति से यह देहदान संभव हुआ। सामायिक स्वाध्याय करना उनकी नियमित दिनचर्या का हिस्सा था। देहदान में जतिन पटवा, कैलाश गोगड व कपिल पटवा का विशेष योगदान रहा है। आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान के राजेंद्र जैन ने बताया कि उनके नेत्र दान के लिए सम्पर्क करने पर पुखराज अग्रवाल के साथ कुनाराम ने उनके निवास पहुंच दोनों नेत्रों के कॉर्निया प्राप्त किए। इसी प्रकार सुभाष नगर निवासी 22 वर्षीय जयेश राठी पुत्र सुंदरलाल राठी का स्वास्थ्य बिगड़ने पर एमजीएच लाया गया। जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। राजेंद्र जैन ने उनके चाचा विष्णु प्रकाश राठी से नेत्रदान कराने का आग्रह किया। एमजीएच मोर्चरी में पुखराज व टेक्निशियन कुनाराम ने दोनों नेत्रों के काॅर्निया प्राप्त किए। तेरापंथ युवक परिषद सरदारपुरा से जोधपुर संभाग नेत्रदान प्रभारी कैलाश जैन ने बताया कि जोधपुर निवासी 62 वर्षीय विमला भंडारी पत्नी स्व. सिद्धराज भंडारी का मरणोपरांत नेत्रदान हुआ। इसके लिए सहमति पुत्र संतोष, देवर प्रमोद, दामाद मनीष जैन की सहमति, प्रेरणा अनिल नाहटा, मुकेश गोदावत की रही।
चंदेल का भी देहदानडॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में 81 वर्षीय चामुंडा कॉलोनी चांदणा भाखर निवासी इंद्रसिंह चंदेल पुत्र कल्याणसिंह चंदेल का मरणोपरांत पुत्र सुरेंद्रसिंह ने डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में देहदान कराया। डॉ.एसएन मेडिकल कॉलेज के शरीर रचना विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ.सुषमा कटारिया ने बताया कि यह अब तक का 176वां तथा इस वर्ष का 18वां देहदान है। उन्होंने पुनीत कार्य के लिए देहदानी परिवारों का आभार जताया।