
- 33 हजार क्विंटल गेहूं के गबन का मामला
- जोधपुर सेन्ट्रल जेल पहुंचने वाली पहली महिला आइएएस, वरिष्ठ आरएएस मीणा से तीन घंटे पूछताछ
जोधपुर. तैंतीस हजार क्विंटल गेहूं के गबन की मुख्य आरोपी निलम्बित आइएएस निर्मला मीणा को अदालत ने मंगलवार को जेल भेजने के आदेश दिए। वह सेन्ट्रल जेल जोधपुर की सलाखों के पीछे पहुंचने वाली पहली महिला आइएएस अधिकारी है। उधर, जयपुर स्थित खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के तत्कालीन उपायुक्त व वरिष्ठ आरएएस मुकेश मीणा से एसीबी ने तीन घंटे तक पूछताछ की और फिर देर शाम छोड़ दिया। एसीबी सूत्रों के अनुसार तीन दिन की रिमाण्ड अवधि समाप्त होने पर निलम्बित आइएएस व तत्कालीन जिला रसद अधिकारी निर्मला मीणा को जांच अधिकारी व पुलिस निरीक्षक मुकेश सोनी ने एसीबी मामलात की अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए गए। इसकी पालना में जांच अधिकारी ने निर्मला को जेल पहुंचा दिया। फिलहाल उन्हें जेल परिसर में महिला बंदियों के साथ रखा गया है। गौरतलब है कि दो महीने तक फरार रहने व सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद गत 16 मई को मीणा ने एसीबी के समक्ष सरेंडर किया था। तब से वह रिमाण्ड पर थी। इस दौरान निर्मला ने खुद के बीमार होने का बहाना बनाकर एसीबी के सवालों से बचने का प्रयास किया था। हालांकि एसीबी के सवालों में उलझी निर्मला ने तीन अन्य के साथ मिलकर गबन करना स्वीकार भी किया है।
मंत्री, विधायक, एडीएम व कुलपति के बाद पहली आइएएस जेल में
जोधपुर सेन्ट्रल जेल लम्बे समय से सुर्खियों में है। भंवरीदेवी प्रकरण में बर्खास्त मंत्री महिपाल मदेरणा व पूर्व विधायक मलखान सिंह विश्नोई के अलावा इन्द्रा विश्नोई जोधपुर जेल में रहे हैं। विकास कार्य के नाम पर जेडीए में घोटाले के आरोप में जालोर के तत्कालीन एडीएम पीएस नागा, शिक्षक भर्ती घोटाले में पूर्व विधायक जुगल काबरा व जेएनवीयू के पूर्व कुलपति बीएस राजपुरोहित जोधपुर जेल में बंद रहे हैं। फिल्म अभिनेता सलमान खान दो-तीन बार जेल की सलाखों में कई रात बीता चुके हैं। अब निर्मला मीणा पहली महिला आइएएस है जो जोधपुर सेन्ट्रल जेल की सलाखों के पीछे पहुंची है।
एसीबी के समक्ष पेश हुए वरिष्ठ आरएएस मीणा
तैंतीस हजार क्विंटल गेहूं के अतिरिक्त आवंटन करने के मामले में संदिग्ध भूमिका के चलते एसीबी ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के तत्कालीन उपायुक्त व वर्तमान में डीएलआर सेक्शन में पदस्थापित आरएएस अधिकारी मुकेश मीणा मंगलवार को एसीबी के समक्ष पेश हुए। निर्मला मीणा को जेल भेजने के बाद एसीबी कार्यालय में जांच अधिकारी मुकेश सोनी ने उनसे पूछताछ शुरू की। जो शाम तक चली। पूछताछ के बाद आवश्यकता होने पर फिर पेश होने की हिदायत देकर उन्हें छोड़ दिया गया।