
जोधपुर . डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के स्विमिंग पूल को शुरू होने में कुछ दिन और लग जाएंगे। यह स्विमिंग पूल पिछले दो साल से बंद पड़ा था। तत्कालीन प्राचार्य व नियंत्रक डॉ. अजय मालवीय ने मेडिकल कौंसिल की बैठक लेकर इसे सेना के अधीन देने की बात कही थी। इसके लिए दो वरिष्ठ चिकित्सक शिक्षकों को जिम्मेदारी भी सौंपी थी। लेकिन इसकी बात आगे नहीं बढ़ी। इसके बाद प्राचार्य व नियंत्रक का पदभार संभालते ही डॉ. एसएस राठौड़ ने इस पर काम शुरू करवा दिया। हालांकि अभी भी इसे शुरू होने में कुछ दिन और लग जाएंगे।
बंद पूल में उग आई थी कंटीली झाडिय़ां
दो साल तक बंद रहे स्विमिंग पूल में कंटीली झाडिय़ां उग आई थी। जगह-जगह कचरे के ढेर भी लग गए थे। इसे हटाने के लिए कॉलेज प्रशासन ने काम शुरू करवा दिया है। स्विमिंग पूल में उग आई कंटीली झाडिय़ों को हटाने के लिए सफाई कर्मचारियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। दो साल से न तो इसे लोगों के लिए खोला गया और न ही इसकी सफाई हुई। तत्कालीन प्राचार्य व नियंत्रक डॉ. अमिलाल भाट ने स्विमिंग पूल को न तो शुरू करवाने का प्रयास किया और न ही इस पर एक रुपया भी खर्च किया। नतीजतन इसकी हालत खराब हो गई।
स्वास्थ्य परीक्षण के बाद मिलेगी अनुमति
मेडिकल कॉलेज में स्विमिंग करने से पहले स्वास्थ्य का परीक्षण करवाना अनिवार्य होगा। इसके बिना इजाजत नहीं मिलेगी। कॉलेज प्रशासन ने इस तरह की नई व्यवस्था लागू की है।
एसबीआरएस को सौंपी जिम्मेदारी
दो साल पहले मेडिकल कॉलेज के स्विमिंग पूल के संचालन की जिम्मेदारी सेना की थी, लेकिन इस बार प्राचार्य व नियंत्रक डॉ. राठौड़ ने देखरेख का काम एसडीआरएस (स्टेट डिजास्टर रिलीफ सोसायटी) को सौंपा है। वहीं इसका संचालन करेगी।
जल्द ही कर देंगे शुरू
हम स्विमिंग पूल को जल्द ही शुरू कर देंगे। वहां की सफाई तो शुरू करवा दी है। इस बार सेना नहीं, बल्कि एसडीआरएस को इसे चलाने की जिम्मेदारी दी है। इससे पहले उनके स्वास्थ्य की भी जांच होगी।
डॉ. एसएस राठौड़, प्राचार्य व नियंत्रक, डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज