
अभिषेक बिस्सा/जोधपुर. पश्चिमी राजस्थान में स्वाइन फ्लू के एच-1 एन-1 वायरस ने डेरा जमा दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले साल 2018 में जोधपुर में स्वाइन फ्लू के 234 मरीज सामने आए और 48 मौतें हुई थीं। जबकि इस वर्ष जनवरी माह के 17 दिन में ही स्वाइन फ्लू के 356 रोगी सामने आने के साथ ही अब तक 26 मरीज इस बीमारी से दम तोड़ चुके हैं। इनमें जोधपुर और संभाग के अन्य जिलों से इलाज के लिए यहां आए रोगी शामिल हैं। चिकित्सकों के अनुसार वातावरण के लिहाज से भी जोधपुर एच-1 एन-1 वायरस का हब बन रहा है। इसकी बड़ी वजह जोधपुर का मौसम स्वाइन फ्लू के लिहाज से अनुकूल साबित होना है। दिन में तेज धूप और रात में तेज सर्दी का मौसम इसके पनपने के लिए मुफीद है।
बार-बार बदल रहा जेनेटिक शक्ल
साल 2009 से 2016 तक वायरस एच-एन-1 का कैलिफोर्निया स्ट्रेन था, जो बादमें अपने डीएनए में बदलाव कर 2017 के अंत तक मिशिगन स्ट्रेन में तब्दील हो गया। आशंका है कि इस बार फिर इसने अपनी जेनेटिक शक्ल बदली है। बार-बार स्ट्रेन परिवर्तन से इस बीमारी पर काबू पाना विशेषज्ञों के लिए भी चुनौती बना हुआ है। जोधपुर में 2017-18 में पहली बार ऐसा हुआ था कि स्वाइन फ्लू का वायरस बरसात के मौसम में भी पनप गया।
जोधपुर में ही इतना क्यों फैल रहा? सवाल पर विशेषज्ञों के जवाब
समय पर नहीं ले रहे इलाज
इस वायरस में कई जेनेटिक बदलाव हुए हैं। इसकी परत दर परत जांच भी होनी चाहिए। जैसलमेर व बाड़मेर जिले बहुत बड़े इलाके हैं। यहां से कई मरीज इलाज के लिए देरी से पहुंच रहे हैं।
- डॉ. प्रभूप्रकाश गुप्ता, प्रोफेसर, माइक्रोबायोलॉजी विभाग, डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज
जोधपुर का मौसम वायरस के लिए मुफीद
जोधपुर का तापमान, मौसम और वातावरण इस वायरस के लिए मुफीद साबित हो रहा है। एक बार कोई कम्यूनिटी में स्वाइन फ्लू फैल जाता है तो उसका वायरस घूमता रहता है। लोगों के एक साथ रहने की परंपरा भी जोधपुर में है। इस कारण भी वायरस आगे से आगे फैलता है। जोधपुर एच-1 एन-1 का हब बन रहा है।
- डॉ. अरविंद माथुर, पूर्व प्राचार्य, डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज
...अब आगे क्या?
हाई रिस्क पेशेंट के फ्री वैक्सीनेशन का रखेंगे प्रस्ताव
हम इसी माह होने वाली वीडियो कांफ्रेंस में हाई रिस्क वाले रोगियों को निशुल्क वैक्सीनेशन का प्रस्ताव सरकार के समक्ष रखेंगे। हाई रिस्क रोगियों में वृद्ध, गंभीर बीमारियों से ग्रसित, छोटे बच्चे और गर्भवती शामिल हैं।
- डॉ सुनील बिष्ट, सीएमएचओ, जोधपुर