
जोधपुर.
जिले के लोहावट थानान्तर्गत जालोड़ा में नहर पुलिया के पास शिक्षा विभाग के एलडीसी की हत्या उसी के साढ़ू ने अपने ५ शिष्य (छात्रों) व एक अन्य शिक्षक के साथ मिलकर की थी। साढ़ू के मृतक की पत्नी यानि खुद की ***** से अवैध संबंध हैं व मिलने में बाधा बनने के कारण छात्रों व शिक्षक के साथ मिलकर साढ़ू की हत्या की थी। लोहावट थाना पुलिस ने चौथे दिन शुक्रवार को ब्लाइंड मर्डर का खुलासा कर साढ़ू व ***** को गिरफ्तार कर नाबालिग पांचों छात्रों को संरक्षण में लिया। एक अन्य शिक्षक का सुराग नहीं लग पाया।
पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राजन दुष्यंत के अनुसार गत ११ दिसम्बर की सुबह जालोड़ा में नहर पुलिया के पास झाडि़यों के बीच पीलवा निवासी सहदेव सिंह पुत्र शंकर सिंह भाटी का शव मिला था। दस दिसम्बर को गला रेतकर उसकी हत्या की गई थी। मृतक फतेहसागर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कनिष्ठ लिपिक था। ब्लाइंड मर्डर के मामले में देचू थानान्तर्गत फतेहगढ़ निवासी मृतक के साढ़ू भगवान सिंह पुत्र खेत सिंह और मृतक की पत्नी जया कंवर को गिरफ्तार किया गया है। वारदात में आसरलाई स्थित देवराज उच्च माध्यमिक विद्यालय के नाबालिग पांच छात्रों को भी संरक्षण में लिया गया है। वहीं, निजी विद्यालय के शिक्षक जयराम मेघवाल की तलाश की जा रही है। आरोपी भगवान सिंह फतेहगढ़ ग्राम पंचायत में ग्राम सहायक होने के साथ आसरलाई के निजी विद्यालय में पार्ट टाइम राजनीति विज्ञान पढ़ाता है। वह पंचायत सहायक संघ का अध्यक्ष भी है। चार छात्र १२वीं और एक छात्र ११वीं में पढ़ता है।
छात्रों को पार्टी करने के बहाने वारदात में शामिल किया
आरोपी भगवान सिंह की शादी दस साल पहले जैसलमेर में हुई थी। मृतक की शादी दो साल पहले जया कंवर से हुई थी। उसे एक पुत्री है। भगवान व ***** जया में तीन साल से अवैध संबंध हैं। शादी के बाद दोनों को मिलने में परेशानी होने लगी थी। इसी के चलते उसने साढ़ू को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी। जिसमें जया भी शामिल थी। वह कई दिन से हत्या की फिराक में था। गत १० दिसम्बर को सहदेव सिंह अद्र्धवार्षिक परीक्षा की सामग्री लेने फलोदी गया था। साढ़ू को इसकी जानकारी दी थी। उसने पांचों छात्रों को पार्टी में चलने व एक व्यक्ति से तीस हजार रुपए वसूलने के बहाने साजिश में शामिल किया था।
दो दिन पहले ससुराल में मनाई शादी की सालगिरह
मृतक सहदेव सिंह की ९ दिसम्बर को शादी की सालगिरह थी। जैसलमेर में ससुराल में सालगिरह की पार्टी मनाई गई थी। आरोपी साढ़ू भी पार्टी में शामिल था। ससुराल वाले उसे रात जैसलमेर में ही रोकना चाहते थे, लेकिन सहदेव दस दिसम्बर को फलोदी से अद्र्धवार्षिक परीक्षा के पेपर लाने की मजबूरी होने का बताकर गांव लौट आया था। आरोपी साढ़ू को इस बात का पता था। इसलिए उसने पांचों छात्रों व शिक्षक जयराम को उसकी मोटरसाइकिल के नम्बर बताकर नहर पुलिया के पास भेजा था। सभी झाडि़यों में छुपे हुए थे। फिर जब सहदेव सिंह बाइक पर उधर से निकला तो बच्चों ने उसे रोक लिया था। तभी पीछे से सिर पर लगिए से कई वार कर दिए थे। वह अचेत होकर गिर गया था। तब बच्चे उसे घसीटकर झाडि़यों के बीच ले गए थे, जहां साढ़ू ने चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी थी। ४ दिसम्बर को भी हत्या के लिए साढ़ू चार बच्चों को लेकर गया था, लेकिन सहदेव सिंह उसे मिला नहीं था।