
जोधपुर. मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना-आराधना का पर्व शारदीय नवरात्र शनिवार को घरों में घट स्थापना के साथ ही आरंभ हो जाएगा। मेहरानगढ़ स्थित प्राचीन चामुंडा मंदिर सहित शहर के सभी नवदुर्गा मंदिरों में राज्य सरकार व जिला प्रशासन की गाइडलाइन के कारण श्रद्धालु दर्शन नहीं कर सकेंगे। मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट के निदेशक करणीसिंह जसोल ने बताया की सरकार की गाइडलाइन की पालना में मंदिर दर्शनार्थियों के लिए पूरी तरह बंद रहेगा। नवरात्र में प्रतिदिन शाम को संध्या के समय मंदिर की ज्योत शहरी छोर पर दर्शनार्थियों के दर्शनार्थ रखी जाएगी। केवल चामुंडा मंदिर पुजारियों की ओर से ब्रह्म मुहूर्त में मां चामुण्डा, कालकाजी, मां सरस्वती एवं बेच्छराजजी की मूर्तियों जलाभिषेक कर नई पोशाक एवं मंदिर शिखर पर ध्वजा चढ़ाई जाएगी। शारदीय नवरात्रा के दौरान इस बार सूर्यनगरी के विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं मोहल्ला स्तर पर होने वाले गरबा डांडिया आयोजन भी नहीं हो सकेंगे।
आमजन के स्वास्थ्य व जीवन को बचाने के लिए रहेगा प्रतिबंध
कोरोना संक्रमण की आशंका के चलते शारदीय नवरात्रा के दौरान शहर के मंदिरों में कोई भी धार्मिक आयोजन नहीं होंगे। पुलिस उपायुक्त (पूर्व) धर्मेन्द्रसिंह यादव की अध्यक्षता में पुलिस अधिकारियों की मेहरानगढ़ ट्रस्ट व चिकित्सा अधिकारियों के साथ शुक्रवार को पुलिस लाइन स्थित सरदार पटेल सभागार में आयोजित बैठक में यह निर्णय किया गया।
पुलिस उपायुक्त (पूर्व) धर्मेन्द्रसिंह यादव ने बताया कोरोना से आमजन के स्वास्थ्य व जीवन को बचाए रखने के लिए 17 से 25 अक्टूबर तक शहर के सभी मंदिरों में किसी भी प्रकार का आयोजन नहीं करने का निर्णय किया गया।
मंदिर प्रबंधकों से समझाइश का निर्णय
कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कमिश्नरेट में निषेधाज्ञा की धारा 144 लागू हैं। पुलिस उपायुक्त (पूर्व) ने बताया की ऐसे में सार्वजनिक स्थान पर पांच या इससे अधिक व्यक्ति एकत्रित नहीं हो सकते हैं। बैठक में नवरात्र पर कोई आयोजन न करने के संबंध में शहर के मंदिर पुजारियों, प्रबंधकों से समझाइश करने का निर्णय किया गया।