
जोधपुर.
आइपीएस अधिकारी व तत्कालीन पुलिस उपायुक्त (पूर्व) धर्मेन्द्रसिंह यादव ने दो साल पहले जिस हिस्ट्रीशीटर को गोली मारकर पकड़ा था अब वो पुलिस कमिश्नरेट जोधपुर का टॉप-१० वांछितों में शामिल है। उसे पकडऩे के लिए पुलिस ने दस हजार रुपए का इनाम घोषित किया है।
पुलिस के अनुसार करवड़ थानान्तर्गत विनायकपुरा निवासी सहीराम उर्फ श्रीराम पुत्र बींजाराम बिश्नोई पर दस हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। वह करवड़ थाने का हिस्ट्रीशीटर है और कमिश्नेट के टॉप-१० वांछितों में शुमार है। वह महामंदिर थाने में गत २३ जनवरी को अवैध पिस्तौल व कारतूस जब्त होने के मामले में वांछित है। वहीं, एक युवक का अपहरण कर मारपीट व किसी परिचित के खाते में रुपए ट्रांसफर कराने के मामले में करवड़ थाने का भी वांटेड है।
युवती को भगा ले जाने में भी संदिग्ध
सहीराम हथियार लहराकर सोशल मीडिया में वीडियो वायरल करने वाली ००७ गैंग से जुड़ा रहा है। राजीव गांधी नगर थाने में एक युवती को भगा ले जाने के संबंध में गुमशुदगी दर्ज है। इस मामले में भी उसी संदिग्ध भूमिका है।
पांव में गोली मारकर पकड़ा था
सहीराम ने नेतड़ा टोल प्लाजा पर १० अगस्त २०१९ की अल-सुबह दो गोलियां चलाईं थी। पुलिस ने १४ सितम्बर २०१९ को बनाड़ क्षेत्र में उसकी घेराबंदी की थी। भागने के लिए उसने पुलिस पर गोली चलाई थी। एक गोली मौके पर मौजूद डीसीपी की कार पर लगी थी। तत्कालीन डीसीपी धर्मेन्द्र सिंह यादव ने पांव में जवाबी गोली मारकर सहीराम को पकड़ा था। कुछ समय बाद वह जमानत पर बाहर आ गया था।