जोधपुर

बंद होंगी बालोतरा के गांधीपुरा में लगी टेक्सटाइल इकाइयां

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल को बाड़मेर जिले के बालोतरा में नॉन कन्फर्मिंग एरिया में संचालित 23 टेक्सटाइल इकाइयों को वायु और जल अधिनियम के तहत जारी सहमति वापस लेने के निर्देश दिए हैं।
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बंद होंगी बालोतरा के गांधीपुरा में लगी टेक्सटाइल इकाइयां
बंद होंगी बालोतरा के गांधीपुरा में लगी टेक्सटाइल इकाइयां

जोधपुर.

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (national green tribunal) ने राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (Rajasthan State Pollution Control Board) को बाड़मेर जिले के बालोतरा (balotra) में नॉन कन्फर्मिंग एरिया में संचालित 23 टेक्सटाइल इकाइयों को वायु और जल अधिनियम के तहत जारी सहमति वापस लेने के निर्देश दिए हैं।

इसके साथ ही इन इकाइयों का संचालन बंद हो जाएगा। राज्य सरकार और बाड़मेर जिला कलक्टर (distt. collector barmer) को इसके लिए जल्दी ही उचित कदम उठाने को कहा गया है।

न्यायिक सदस्य रघुवेंद्र एस. राठौड़ और विशेषज्ञ सदस्य सत्यवानसिंह की खंडपीठ ने दिग्विजयसिंह जसोल की ओर से दायर याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के आदेशों की 15 साल बाद भी पूर्णतया पालना नहीं होने और न ही सभी इकाइयों को नव विकसित क्षेत्र में स्थानांतरित करने पर कड़ी टिप्पणी की।

खण्डपीठ ने कहा कि राज्य सरकार की निष्क्रियता से न केवल हाईकोर्ट के आदेशों की अवमानना हो रही है, बल्कि क्षेत्र में गंभीर प्रदूषण हो रहा है। खंडपीठ ने कहा हमारे पास राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल को यह निर्देशित करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है कि वह जल एवं वायु अधिनियम के तहत गांधीपुरा में संचालित इकाइयों को संचालित करने के लिए जारी सहमति रद्द कर यह सुनिश्चित करे कि वे अब नॉन कन्फर्मिंग एरिया में काम न करें। रीको के क्षेत्रीय प्रबंधक को अगली सुनवाई पर बिठूजा में नॉन कन्फर्मिंग एरिया में संचालित औद्योगिक इकाइयों का ब्यौरा देने के निर्देश दिए गए हैं।

राजस्थान हाईकोर्ट (rajasthan highcourt) ने वर्ष 2004 में महेश पारीक की ओर से दायर जनहित याचिका में बालोतरा शहर में गैर कन्फर्मिंग एरिया और तथा नगरपालिका क्षेत्र में स्थित इकाइयों को नव विकसित औद्योगिक क्षेत्र में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए थे।

एनजीटी के ध्यान में लाया गया कि बालोतरा के गांधीपुरा में टेक्सटाइल की 23 इकाइयां संचालित हैं जो प्रदूषित पानी की निकासी लूनी नदी में कर रही हैं। गांधीपुरा औद्योगिक क्षेत्र नहीं, बल्कि नॉन कन्फर्मिंग एरिया है।

नव विकसित क्षेत्र में कई भूखंड खाली

रीको की ओर से बताया गया कि बालोतरा में वर्ष 2008 में स्थापित औद्योगिक क्षेत्र के चतुर्थ चरण में 586 भूखंड थे। वर्ष 2011 में 44 भूखंड आवंटित किए गए। वर्ष 2017 में 53 भूखंडों को मंजूरी दी गई थी, जिसके लिए राज्य सरकार की ओर से अंतिम मंजूरी दी जानी बाकी है। औद्योगिक क्षेत्र में भूखंडों के आवंटन के लिए अपर्याप्त आवेदन थे, इसलिए मूल खातेदारों को 252 भूखंड आवंटित किए गए। चतुर्थ चरण औद्योगिक क्षेत्र में 149 भूखंड अब भी खाली हैं।

यह तथ्य सामने आने के बाद खंडपीठ ने कहा कि जब नव विकसित औद्योगिक क्षेत्र में भूखंड खाली पड़े हैं, तो गांधीपुरा में इकाइयों का संचालन जारी रहने देने का कोई कारण नहीं है।

Updated on:
04 Sept 2019 11:22 pm
Published on:
04 Sept 2019 11:22 pm