
जोधपुर. प्रदेश में मई सर्वाधिक गर्म महीना होता है और इन दिनों शुष्क गर्म हवाएं (लू)चलती है लेकिन इस बार ऐसा नहीं के बराबर देखने को मिला। लगातार बादल आ रहे हैं। पूरे महीने वातावरण में नमी ही रही, जिसके कारण सूखी गर्मी की जगह उमस भरी गर्मी ने लोगों को बैचेन किए रखा। थार में रेगिस्तानी जलवायु के स्थान पर समुद्री जलवायु सा मौसम रहा।
मौसम विभाग के अनुसार लगातार पश्चिमी विक्षोभ आने और चक्रवाती तूफान तौकते के कारण इस साल मई महीने में पहली बार अत्यधिक नमी रही। हवाओं की दिशा अब भी पूरी तरीके से पश्चिमी होने की बजाय दक्षिणी-पश्चिमी बनी हुई है, जिसके कारण अरब सागर से लगातार नमी राजस्थान की ओर खींची चली आ रही है। इससे बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर और जोधपुर जैसे रेगिस्तानी इलाकों में अधिकतम 80 प्रतिशत से लेक न्यूनतम 20 प्रतिशत आपेक्षिक आद्र्रता वातावरण में बनी हुई। सामान्यत: इन दिनों 40 से 8 प्रतिशत तक नमी रहती है।
रेगिस्तानी की रातें गर्म हुई
हवा में अत्यधिक नमी के इस बार मारवाड़ में रातें गर्म हो गई। न्यूनतम तापमान औसत 30 डिग्री और अधिकतम 42 डिग्री चल रहा है। तापांतर कम है, जबकि रेगिस्तान में ऐसा सर्दियों के मौसम में सूरज के नहीं निकलने पर होता है।
डेजर्ट कूलर फेल, अब एसी की दरकार
डेजर्ट कूलर सबसे अधिक उपयोगी प्रदेश के रेगिस्तानी इलाके में माने जाते हैं, जहां शुष्कता कम करने के लिए पंखे नमी युक्त हवा फैंकते हैं और आसपास का वातावरण एकदम ठंडा हो जाता है। इस साल हवा में वैसे ही अधिक नमी है। ऊपर से कूलर की नमी युक्त हवा और अधिक उमस पैदा कर रही है। पिछले कई दिनों से तापमान 40-42 के आसपास होने के बावजूद लोग गर्मी से छटपटाहट महसूस कर रहे हैं। केवल एसी में ही राहत मिल रही है। गौरतलब है कि मुंबई, चैन्नई जैसे तट के किनारे बसे शहरों में अत्यधिक नमी के कारण कूलर उपयोग में नहीं आते हैं। वहां एसी ही लगाए जाते हैं।
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‘सामान्यत: मई महीना सूखा रहता है लेकिन इस साल पश्चिमी विक्षोभ अधिक आने सहित अन्य कारणों से हवा में नमी बनी हुई है।’
आरएस शर्मा, निदेशक, भारतीय मौसम विभाग जयपुर