
जोधपुर. मजबूत मानसिकता और अपने इष्ट के प्रति आस्था प्रबल हो तो हर समस्या का समाधान निकल सकता है। विकराल रूप धारण कर चुके कोरोना संक्रमण को जोधपुर के सरस्वती नगर में निवासरत चारण समाज के परिवार ने मजबूत इच्छा शक्ति, इष्टदेवी के प्रति आस्था, दवाइयां, पडौसियों, मित्रों और परिचितों से मिले संबंल की बदौलत कोरोना को मात दी है। अब पूरा परिवार अब सामान्य जीवन जी रहा है। बैंक से सेवानिवृत्त समाज सेवी हरि सिंह भाटेलाई का परिवार पिछले माह किसी परिचित के विवाह समारोह में गया था। विवाह से लौटने के बाद उच्छब कंवर (पत्नी), किशन सिंह व कोमलसिंह (पुत्र) प्रतिमा व सविता (पुत्रवधु), पौत्र रुद्राक्ष व आराध्य को संक्रमण ने चपेटे में लिया। परिवार में सर्वप्रथम पुत्र कोमल सिंह को बुखार,बदन दर्द,खांसी कमजोरी होने पर 12 अप्रैल को उनका कोरोना टेस्ट करवाया जिसमें उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर परिवार के सदस्यों के हाथ-पैर फूल गए। बाद में एक-एक कर सभी परिवार के सदस्यों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। केवल परिवार के मुखिया हरि सिंह जो स्वयं रक्तचाप, डायबीटीज एवं हृदय रोग से पीडि़त होते हुए भी उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। मुसीबत की घड़ी में पड़ौसी सुधीर गुप्ता एवं रूचिका वर्मा ने नाश्ते, लंच और डिनर की व्यवस्था की। मधुबन डिस्पेंसरी से डॉक्टरों की टीम ने दवाइयां मुहैया करवाई। घर के आसपास बेरिकेडिंग व सम्पूर्ण क्षेत्र को सेनेटाईज करवाया। पड़ोसियों के साथ मित्रों और रिश्तेदारों ने समय-समय पर फोन पर बात करते हुए संबल प्रदान करते रहे। सभी सदस्यों के होम आइसोलेशन की अवधि 28 अप्रैल को पूरी होने के बाद दिनचर्या पहले की तरह सामान्य हो चुकी है।
हरिसिंह ने बताया कि विकट परिस्थिति में परिवार के सदस्यों की सकारात्मक सोच, मजबूत इच्छा शक्ति, इष्टदेवी के प्रति आस्था व ध्यान से पूरे परिवार को स्वस्थ होने में मदद मिली। उन्होंने लोगों से मास्क पहनने व कोविड गाइड लाइन की पालना करने का निवेदन किया है।