जोधपुर

चन्द्रमा से अमृत वर्षा का दिन शरद पूर्णिमा 19 को

  पंचाग भेद के कारण कुछ जगहों पर 20 को भी मनाया जाएगा उत्सव
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Oct 13, 2021
चन्द्रमा से अमृत वर्षा का दिन शरद पूर्णिमा 19 को
चन्द्रमा से अमृत वर्षा का दिन शरद पूर्णिमा 19 को

जोधपुर. शरद पूर्णिमा इस बार 19 अक्टूबर को मनाई जाएगी। पंचांग भेद की वजह से कुछ जगहों पर 20 अक्टूबर को भी शरद पूर्णिमा मनाई जाएगी। हर साल आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को ही शरद पूर्णिमा कहा जाता है। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि इस दिन आकाश से चन्द्रमा अमृत वर्षा करते हैं। श्रीमद भागवत में भगवान कृष्ण की ओर से शरद पूर्णिमा को ही महारास की रचना का वर्णन मिलता है। शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा पृथ्वी के सबसे निकट होता है। अंतरिक्ष के समस्त ग्रहों से निकलने वाली सकारात्मक ऊर्जा चंद्रकिरणों के माध्यम से पृथ्वी पर पड़ती हैं। पूर्णिमा की चांदनी में खीर बनाकर खुले आसमान के नीचे रखने के पीछे वैज्ञानिक तर्क यह है कि चंद्रमा के औषधीय गुणों से युक्त किरणें पडऩे से खीर भी अमृत के समान हो जाती है। औषधीययुक्त खीर का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद माना गया है।

शरद पूर्णिमा की तिथि और शुभ मुहूर्त
पूर्णिमा तिथि आरंभ-19 अक्टूबर शाम 7 बजे से

पूर्णिमा तिथि समाप्त. 20 अक्टूबर 2021 को रात्रि 8.20 मिनट पर

शरद पूर्णिमा महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां लक्ष्मी की समुद्र मंथन से उत्पत्ति शरद पूर्णिमा के दिन ही हुई थी। इसलिए इस तिथि को धनदायक भी माना जाता है। शरद पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा या रास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन चंद्रमा अपनी पूर्ण कलाओं के साथ पृथ्वी पर चारों ओर अमृत किरणों की वर्षा करते है। इसलिए रात्रि में चन्द्रमा की रोशनी में गाय के दूध बनी खीर रखकर सेवन करने की परम्परा है।

Published on:
13 Oct 2021 01:30 pm