
जोधपुर. सरदार संग्रहालय निर्माण में सहयोगी बने थे बांगड़ सेठ के वंशज । उम्मेद उद्यान के अंदर स्थित सरदार संग्रहालय की इमारत निर्माण के दौरान मारवाड़ के सेठ मगनीराम बांगड़ के वंशज सेठ रामनारायण प्रसाद ने आर्थिक सहयोग दिया था। इमारतों का सम्पूर्ण कार्य 1935 में हुआ और भवनों के वास्तुविज्ञ गोल्ड स्ट्रा थे। सभी भवनों व गार्डन का कुल खर्च उस समय 6 लाख 9 हजार 870 रुपए हुआ। उम्मेद उद्यान में सरदार संग्रहालय के साथ सुमेर लाईब्रेरी भवन का निर्माण भी किया गया था। पार्क में स्थापित जंतुआलय दशकों तक पूरे मारवाड़वासियों के लिए आकर्षक का केन्द्र रहा। उम्मेद उद्यान का विधिवत् उद्घाटन 17 मार्च 1936 को महाराजा उम्मेदसिंह और भारत के पूर्व वायसराय गर्वनर जनरल ऑफ इण्डिया लॉर्ड विलिंगडन ने किया गया था। तब उद्यान का नाम विलिंगडन गार्डन रखा गया था जो कालान्तर में उम्मेद उद्यान के नाम से जाना गया ।इमारतों का सम्पूर्ण कार्य 1935 में हुआ और भवनों के वास्तुविज्ञ गोल्ड स्ट्रा थे ।