
जोधपुर. उदयपुर स्थित महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर अजय शर्मा ने शनिवार सुबह एमबीएम विश्वविद्यालय के पहले कुलपति का पदभार ग्रहण कर लिया। राज्य सरकार ने उन्हें 5 वर्ष के लिए नियुक्त किया है। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने एमबीएम के शिक्षकों से मुलाकात कर यहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय से सम्बद्ध रहे उसकी इंजीनियरिंग संकाय एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज को अब मल्टीफैकल्टी विश्वविद्यालय बना दिया है।
राजस्थान पत्रिका से बातचीत में प्रो शर्मा ने कहा कि वे टीम एमबीएम के रूप में काम करेंगे, जिसमें ऊपर से लेकर नीचे तक हर अधिकारी-कर्मचारी की भागीदारी सुनिश्चित होने के साथ हर काम टाइम-बाउण्ड होगा। जोधपुर में भले ही आइआइटी हो लेकिन वे अपने काम से उसे भी प्रतिस्पद्र्धा देने का प्रयास करेंगे। छात्र-छात्राओं के लिए नए व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वे उदयपुर की तर्ज पर यहां भी प्रथम वर्ष में सर्टिफिकेट, द्वितीय वर्ष में डिप्लोमा और तृतीय या अंतिम वर्ष में डिग्री शुरू कर सकते हैं ताकि ड्रॉपआउट छात्रों का भविष्य खराब नहीं हो।
पेट्रोलियम पर जोर, एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग भी लाएंगे
प्रो शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता पेट्रोलियम इंजीनियरिंग को बढ़ावा देना रहेगी ताकि रिफाइनरी के अनुरूप प्रदेश से ही मानवीय कौशल तैयार हो सके। स्वयं के एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग से संबंध होने का प्रश्न पूछने पर उन्होंने कहा कि एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग में इस समय काफी स्कोप है और भविष्य में वह इस ब्रांच को एमबीएम विवि में भी शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डाटा साइंस, रोबोटिक जैसे नए पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे।
मूल रूप से बूंदी के लंबे समय से उदयपुर में
प्रो शर्मा मूल रूप से बूंदी जिले के निवासी हैं लेकिन गत छह दशक से उदयपुर में निवास कर रहे हैं। वर्ष 1985 में उन्होंने उदयपुर विवि जॉइन किया था। कुलपति बनते ही 33 शिक्षक गए, अब 200 में से केवल 56 शिक्षकप्रो शर्मा के कुलपति के आदेश के साथ एमबीएम विवि से गुरुवार को 33 शिक्षकों की रवानगी हो गई। केंद्र सरकार ने टेक्यूप कार्यक्रम के अंतर्गत 2018 में देश के समस्त इंजीनियरिंग कॉलेजों में शिक्षक भेजे थे, जिनकी अवधि 30 सितम्बर को समाप्त हो गई। अब एमबीएम में करीब 200 पदों के लिए केवल 56 शिक्षक शेष बचे हैं। प्रो शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार भर्ती को लेकर सकारात्मक है। वे शीघ्र ही शिक्षकों व अन्य कर्मचारियों की भर्ती करेंगे।