
जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट में अपने साथ हुए बलात्कार से गर्भवती हुई युवती ने सुबकते हुए गर्भावस्था समाप्त करने की इच्छा जताई, जिसे देखते हुए कोर्ट ने पुलिस को गर्भावस्था समाप्त करने को लेकर युवती को उचित कानूनी सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायाधीश संदीप मेहता तथा न्यायाधीश कुलदीप माथुर की खंडपीठ में एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई के दौरान शेरगढ़ पुलिस ने युवती को पेश किया। कोर्ट में युवती एक प्रतिवादी पर यौन शोषण का आरोप लगाते हुए सुबकती रही। उसने यह भी कहा कि प्रतिवादी ने उसके साथ बलात्कार किया, जिससे वह गर्भवती हो गई है। याचिकाकर्ता ने प्रतिवादियों के खिलाफ फिरौती का गंभीर आरोप भी लगाया है। कोर्ट में मौजूद पुलिस अधिकारी ने कहा कि शेरगढ़ पुलिस थाने में इस मामले में एफआइआर दर्ज की जा चुकी है और आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
युवती ने कहा कि बलात्कार के नतीजतन हुए गर्भधारण को वह समाप्त करना चाहती है। इसे देखते हुए खंडपीठ ने अनुसंधान अधिकारी को उचित जांच के निर्देश देते हुए युवती को कानूनन गर्भावस्था को समाप्त करने के लिए उचित सहायता प्रदान करने को कहा है। युवती की इच्छा को देखते हुए उसे कोर्ट में उपस्थित पिता के घर तक सुरक्षित पहुंचाने को भी कहा गया। कोर्ट ने जोधपुर के पुलिस अधीक्षक ग्रामीण को युवती की एफआइआर का पर्यवेक्षण करते हुए निष्पक्ष और त्वरित जांच करने के निर्देश दिए हैं। राजस्थान हाईकोर्ट में अपने साथ हुए बलात्कार से गर्भवती हुई युवती ने सुबकते हुए गर्भावस्था समाप्त करने की इच्छा जताई, जिसे देखते हुए कोर्ट ने पुलिस को गर्भावस्था समाप्त करने को लेकर युवती को उचित कानूनी सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।