
जोधपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दखल के बाद पिछले एक-डेढ़ महीने से चला आ रहा द ग्रेट मारवाड़ पॉलिटिकल ड्रामा कुछ दिन के लिए ही सही लेकिन शांत हो गया है। केन्द्रीय नेताओं से मिले इशारे के बाद दो बड़े नेताओं ने लोकसभा चुनाव को देखते हुए सौहार्द के फूल खिला दिए हैं। मुस्कुराती तस्वीरों में जो भाजपा के लिए अच्छे संकेत तो है, लेकिन यह धरातल पर कितना लागू होगा यह देखने वाली बात है। बगावत को तो फिलहाल टाल दिया गया है कि लेकिन अब भितरघात से कितना नुकसान होगा यह आने वाला समय बताएगा।
विधानसभा से शुरू हुई लड़ाई
लोकसभा चुनाव तक चलेगीयह सियासी अदावत विधानसभा चुनाव से शुरू हुई थी, तब तीन सूचियों में भी शेरगढ़ से बाबूसिंह राठौड़ का नाम नहीं आया तो इसमें शेखावत के दखल के आरोप लगे थे। तभी से यह अदावत तेज हुई। हालांकि बाद में बाबूसिंह टिकट लाए और जीत कर विधानसभा भी पहुंचे। लेकिन अब जब चुनाव लड़ने की बारी केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत की आई तो राठौड़ ने मोर्चा खोल दिया।
रिक्त पदों से बिगड़ा मामला
सबसे पहले सड़क पर विरोध शुरू हुआ जलदाय विभाग के अधिकारियों का स्थानांतरण करने से, इसके विरोध में लोग राजस्थान सरकार के जलदाय विभाग के मंत्री कन्हैयालाल का घेराव करने पहुंचे और शेखावत के खिलाफ पहली बार नारेबाजी हुई। इसके बाद यह विरोध बढ़ा और शेखावत जब क्षेत्र में दौरे पर गए तो वहां भी नारेबाजी हुई व काले झंडे दिखाए गए।
अभी भी रिक्त हैं शेरगढ़ विधानसभा में पद
- उपखंड अधिकारी बालेसर व शेरगढ़ के पद रिक्त हैं।- तहसीलदार चामू का पद रिक्त
- क्षेत्रीय वन अधिकारी बालेसर व शेरगढ़ दोनों पद रिक्त हैं।- बीसीएमओ शेरगढ़, सेखाला व चामू तीनों पद रिक्त हैं।
- विकास अधिकारी पंचायत समिति शेरगढ़ व चामू रिक्त हैं।- मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ब्लॉक शेरगढ़, बालेसर, सेखाला व चामू के पद रिक्त हैं।
- बाल विकास परियोजना अधिकारी शेरगढ़ व चामू पद रिक्त।- नगर पालिका बालेसर सत्ता अधिशासी अधिकारी व अधिशासी अभियंता के पद रिक्त।
- जलदाय विभाग में एक्सईएन, एईएन शेरगढ़, सेखाला व जेईएन चाबा के पद रिक्त।- जोधपुर डिस्काॅम में एईएन शेरगढ़ व कनोडिया पुरोहिता व शिक्षा विभाग में शिक्षकों के कई पद रिक्त हैं।
ऐसे पीक पर आया
शेरगढ़ का रोष शेखावत के इस विरोध के बाद पुलिस सक्रिय हुई कई कार्यकर्ताओं को पकड़ा गया, एफआईआर दर्ज हुई। इसी बात को लेकर राठौड़ व पुलिस ने तकरार बढ़ गई। राठौड़ चामू थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। तभी जयपुर से भाजपा आलाकमान की एंट्री हुई। एक फोन आया और धरना समाप्त कर राठौड़ सीएम से मिलने जयपुर पहुंच गए।
पॉलिटिकल सीजफायर के बाद अब आगे क्या
फिलहाल आलाकमान की दखल के बाद पॉलिटिकल सीजफायर तो हो गया है। लेकिन यह कितना प्रभावी होगा यह आने वाला समय बताएगा। सीएम ने विधायक राठौड़ को शेखावत के खिलाफ किसी तरह की बयानबाजी नहीं करने के लिए कहा है। आने वाले समय में चुनावी रैलियों व प्रचार में इस अदावत का कितना असर होगा यह समय बताएगा।