जोधपुर

हाईकोर्ट ने पूछा गाइड लाइन का क्या हुआ? एएजी ने कहा पता नहीं

सोलह वर्षीय प्रियंका ने सीजे को पत्र लिख पूछा था उम्र ज्यादा हो गई तो क्या वह पढ़ नहीं सकेगी
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The HC asked what happened to the guide line? AAG said don't know
हाईकोर्ट ने पूछा गाइड लाइन का क्या हुआ? एएजी ने कहा पता नहीं

जोधपुर.

राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी अब तक राज्य सरकार 16 वर्ष की आयु के बच्चों को आठवीं कक्षा की परीक्षा में शामिल करने के बारे में गाइड लाइन नहीं बना सकी है।

सोलह वर्षीय प्रियंका की याचिका पर सोमवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस संगीत लोढा और जस्टिस दिनेश मेहता की खंडपीठ ने अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश पंवार से पूछा कि कोर्ट की ओर से पूर्व में सरकार को ऐसे मामलों के लिए गाइड लाइन तैयार करने के निर्देश दिए थे उस गाइड लाइन का क्या हुआ?

इस पर एएजी ने कहा कि प्रियंका को आठवीं की परीक्षा देने की अनुमति दे दी गई है लेकिन गाइड लाइन को लेकर कोई जानकारी उनके पास नहीं है।


यह था मामला

16 वर्षीय प्रियंका को आठवीं की परीक्षा के अयोग्य घोषित कर दिया गया था। इस पर प्रियंका ने राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नन्द्राजोग को लिखे पत्र में सवाल किया कि क्या उम्र अधिक होने के कारण वह पढ़ नहीं सकेगी? जबकि शिक्षा ग्रहण करने से किसी को रोका नही जा सकता।

मुख्य न्यायाधीश ने पत्र को जनहित याचिका मानते हुए सरकार से जवाब मांगा था और इस मामले में गाइड लाइन बनाने के आदेश दिए थे। इसके बाद सरकार ने प्रियंका को आठवीं कक्षा की परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी थी।

उल्लेखनीय है कि सरकार ने एक नियम बनाकर 16 वर्ष की उम्र के बच्चों को आठवीं की परीक्षा के अयोग्य करार दिया था।

Published on:
23 Oct 2018 02:05 am