
जोधपुर।
सरकारी सब्सिडी (Government Subsidy) पर मकानों में रूफ टॉप सोलर प्लांट (Roufe top solar plant) लगाने का झांसा देकर एक कम्पनी के संचालकों ने तीन पीडि़तों से 4.78 लाख रुपए (Lakhs of fraud for solar plant) ठग लिए। दो पीडि़तों को रिटर्न चेक भी दिए गए, लेकिन खाते में राशि न होने से वो बाउंस हो गए। देवनगर थाने में दो और प्रतापनगर थाने में एक एफआइआर दर्ज की गई है।
प्रतापनगर थाना पुलिस के अनुसार चौहाबो सेक्टर 18 निवासी नेमीचंद पुत्र चम्पालाल सोलंकी ने खेमे का कुआं के पास नंदनवन ग्रमीन निवासी एक दम्पती के खिलाफ 1,13,500 रुपए की धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया। आरोप है कि रूफ टॉप सोलर प्लांट लगाने के लिए सम्पर्क करने पर दम्पती व इनकी कम्पनी ने तीस प्रतिशत सरकारी सब्सिडी पर प्लांट लगाने का झांसा दिया था। साइट विजिट करने के बाद चार किलोवाट का प्लांट लगाने पर सहमति बनी थी। आरोपियोंनने नब्बे दिन में प्लांट लगाने का भरोसा दिलाया था। 10 नवम्बर 2020 व 1 जनवरी 2021 को दो चेक से 1,13,500 रुपए का भुगतान किया गया था, लेकिन नब्बे दिन बीतने के बाद भी प्लांट नहीं लगा। आरोपियों ने नब्बे दिन बाद से प्लांट लगने तक चार यूनिट प्रतिदिन के 7 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से भुगतान करने का भरोसा भी दिलाया था, लेकिन न तो प्लांट लगा और न ही राशि लौटाई गई।
कमिश्नर कार्यालय पहुंचे पीडि़त पक्ष
उधर, करणी नगर निवासी धीराराम जाट व चौहाबो सेक्टर 17 निवासी राजेन्द्र कुमार बत्रा ने देवनगर थाने में सोलर प्लांट लगाने का झांसा देकर रुपए ऐंठने वाले दम्पती व अन्य के खिलाफ पुलिस कमिश्नर को परिवाद पेश किए। इस पर धोखाधड़ी के अलग-अलग मामले दर्ज किए गए। धीराराम ने रूफ टॉप सोलर प्लांट के लिए 3 दिसम्बर 2020 को एक लाख रुपए व 2 फरवरी 2021 को 81,920 रुपए का भुगतान किया था। नब्बे दिन में सोलर प्लांट लगाने का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। कानूनी नोटिस भेजने पर राशि लौटाने के लिए चेक दिए गए थे, लेकिन वो बाउंस हो गए थे। इसी तरह राजेन्द्र कुमार बत्रा ने प्लांट के लिए 1,83,200 रुपए दिए थे, लेकिन न तो प्लांट लगा और न ही राशि लौटाई गई। गत 31 मई को दिए रिटर्न चेक बाउंस हो गए थे।