
रजिस्ट्रार जनरल ने राजस्थान न्यायिक कर्मचारी संघ के प्रतिवेदन के बाद इस संबंध में सभी जिला न्यायाधीशों को पत्र लिखा है। संघ ने 15 जून को एक प्रतिवेदन देते हुए मांग की थी कि कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए कार्मिक और उनके परिजनों को संक्रमण से बचाने के लिए पूर्व में प्रभावी सीमित अदालतों की कार्यवाही तथा रोशनल आधार पर सीमित संख्या में कार्मिकों की ड्यूटी सुनिश्चित की जाए। पत्र में कहा गया है कि 12 जून को जारी परिपत्र के अनुसरण में अदालत परिसर में सीमित संख्या में लोगों की मौजूदगी की अनुमति दी जाए। पीठासीन अधिकारियों को यह छूट दी गई है कि वे कार्मिक को कार्यालय समय पूरा होने से पहले घर जाने की अनुमति या रोशनल आधार पर कार्यभार सौंप सकते हैं। कार्मिक बुखार के लक्षण पाए जाने पर चिकित्सकीय परामर्श से अवकाश ले सकेंगे। जिला न्यायाधीश तथा तहसील स्तर पर वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी कोर्ट परिसर तथा कोर्ट रूम में सीमित संख्या में लोगों की मौजूदगी के लिए आवश्यक कदम उठा सकेंगे। केंद्र और राज्य सरकार के निर्देशों की पालना में एहतियात के हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं।