
जोधपुर. राज्य सरकार एक तरफ एनिमिया मुक्त राजस्थान करने का सपना साकार कर रही है। दूसरी ओर चिकित्सा संस्थानों की रिपोर्ट में कई बच्चों तक आयरन फॉलिक एसिड की गोलियां तक नहीं पहुंची है। पूरे राजस्थान की 44 कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर, 198 प्राइमरी हेल्थ सेंटर व 921 सब सेंटर में एक भी फॉलिक एसिड की गोली बच्चों को सप्लाई नहीं की गई। इसे चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने गंभीर माना है। इस रिपोर्ट का खुलासा अगस्त माह की रिपोर्ट में हुआ है।निदेशक आरसीएच डॉ. केएल मीणा ने भी इस संबंध में आदेश निकाल आयरन गोलियों का वितरण नियमित कराए जाने के लिए कहा है। साथ एएमआर कार्यक्रमों के सूचकांकों को प्रतिमाह पीसीटीएस में इंद्राज कराए जाने को कहा।
जोधपुर में 91 चिकित्सा संस्थानों की शून्य रिपोर्टचिकित्सा विभाग की जारी रिपोर्ट में जिले के 91 चिकित्सा संस्थानों की रिपोर्ट में आयरन फॉलिक एसिड की गोलियां वितरित होना शून्य पाया गया। इसमें 3 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 76 उप स्वास्थ्य केंद्रों के नाम शामिल हैं।
इन बड़े जिलों इतने चिकित्सा संस्थानों में रही शून्य रिपोर्टिंग
जिला- सीएचसी-पीएचसी-सब सेंटरजयपुर प्रथम-3-31-31
जयपुर द्वितीय-5-21-47जोधपुर-3-12-76
कोटा-0-1-13उदयपुर-4-7-59
बीकानेर-0-3-12अजमेर-2-11-19
भरतपुर- 0-1-3
कोई गोली नहीं दी
जोधपुर के बेलवा खत्रियां गांव की 14 वर्षीय बालिका गुड्डी लोहार गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ाई की। स्कूल थी तब तक उसे गोलियां दी जाती थी, लेकिन स्कूल ड्रॉप करने के बाद उसे कोई गोली खिलाने नहीं आया। वहीं गांव में और भी कहीं जगहों पर बच्चियों तक गोलियां नहीं पहुंची है। इन बच्चियों को नीली गोली दी जाती है। जबकि आकलन देखे तो जुलाई माह में जोधपुर में ये गोलियां 16860 बंटी थी, वहीं अगस्त में 14978 ही बांटी गई। सरकारी रिपोर्ट में अंतर 1992 गोलियों का आ रहा है।
नहीं मिल रही कोई गोलीबलदेव नगर लंगा बस्ती निवासी पांच वर्षीय आसिफ स्कूल नहीं जाता है। पत्रिका टीम के पहुंचने पर पता चला कि इसके पास भी किसी प्रकार की कोई आयरन की गोली नहीं आती है। इसी प्रकार शहर के कई हिस्सों में बच्चों को आयरन की गोलियां नहीं दी जाती है। शहर में ऐसी कई बस्तियां हैं, जहां बच्चे-बच्चियां स्कूल नहीं जाते, जो सरकार की पहुंच से दूर है।
इनका कहना हैं...
गोलियां कैसे नहीं दी जा रही है। कहीं कोताही है तो मैं पता करवाता हूं। बाकी वितरण का कार्य चल रहा है।- डॉ. जितेंद्र पुरोहित, सीएमएचओ, जोधपुर