जोधपुर

स्थानीय फसलों का स्वाद व गुणवत्ता संकर किस्मों में विकसित करना जरुरी

- कृषि विज्ञान केन्द्रों की वार्षिक क्षेत्रीय समीक्षा कार्यशाला
less than 1 minute read
Jul 01, 2021
स्थानीय फसलों का स्वाद व गुणवत्ता संकर किस्मों में विकसित करना जरुरी
स्थानीय फसलों का स्वाद व गुणवत्ता संकर किस्मों में विकसित करना जरुरी

जोधपुर।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उप महानिदेशक (कृषि प्रसार) डॉ एके सिंह ने बताया कि फ सलों की स्थानीय किस्मों में जो स्वाद और गुणवत्ता है, उसे नई संकर किस्मों में विकसित करना जरुरी है। अटारी जोन द्वितीय जोधपुर के तत्वावधान में गुरुवार से शुरू हुई 28वीं वार्षिक ऑनलाइन क्षेत्रीय समीक्षा कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि सिंह ने राजस्थान की शुष्क जलवायु को देखते हुए बीजीय मसालों, बाजरा, ग्वार ओर दलहनों की उत्तम कृषि तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने का आह्वान किया। चौधरी चरण सिंह हिसार कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ बीआर कम्बोज ने जल की घटती हुई उपलब्धता को देखते हुए बूंद-बूंद सिंचाई पद्धति अपनाने की आवश्यकता बताई। अटारी जोन द्वितीय जोधपुर के निदेशक डॉं एसके सिंह ने वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। कार्यशाला में हरियाणा, दिल्ली व राजस्थान के 72 कृषि विज्ञान केन्द्रों की वार्षिक प्रगति की समीक्षा की जाएगी। कार्यक्रम संचालन प्रधान वैज्ञानिक डॉ बीएल जांगिड ने किया व डॉ पीपी रोहिला ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

Published on:
01 Jul 2021 07:33 pm