
जोधपुर. lumpy disease वायरस प्रसार को रोकना प्रशासन व विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है। गांवों से होते हुए city area में भी इसका असर तेजी से बढ़ा है। शहरी क्षेत्रों में खाली भूखंडों में मृत गोवंश के ढेर देखे जा सकते हैं। दुर्गंध से लोगों के हालत खराब है। शहर के आस-पास आंगणवा, डीपीएस सर्कल के समीप और पाली रोड पर भी यह विकट हालात देखे जा सकते हैं।
Gujrat में नियंत्रण, Western Rajasthan में भयावह
यह बीमारी गुजरात से होकर राजस्थान में पहुंची है। लेकिन में काफी हद तक नियंत्रण कर लिया गया है। लेकिन Rajasthan में हालत विकट है। जिन गायों का बीमार होने के बाद भी खाना-पीना जारी है, वह जीवित बच रही है। बाकी सभी नए एरिया में प्रसार इस बीमारी का अब नए क्षेत्रों में प्रसार हो रहा है। शहरी क्षेत्रों में बेसहारा गाेवंश भी संक्रमित घूमते देखे जा रहे हैं। दुधारू गायों पर ज्यादा संक्रमण हुआ है। दूध देने की क्षमता महज 10-20 प्रतिशत ही रह गई है।
त्रासदी नहीं रुक रही
यह गोवंश की त्रासदी है, जो रुकने की बजाय नए क्षेत्रों में फैलती जा रही है। हालात भयानक है, जिन गोवंश पर व्यक्तिगत रूप से मालिक ध्यान दे रहा है, वह तो ठीक हो रही है। बाकी हर दिन सैकड़ों गोवंश दम तोड़ रहे हैं। विभाग की दवाइयां भी मिल रही है, लेकिन धरातल पर हालात ज्यादा विकट है। हम होम्योपैथी दवा से इसके निदान के प्रयास कर रहे हैं।
- हरनारायण सोनी, जिलाध्यक्ष, राजस्थान गो सेवा समिति
विभाग अपने कर्मचारियों व उपलब्ध संसाधनों के साथ पशुओं को राहत देने के प्रयास कर रहा है। प्रशासन व जनसहभागिता बढ़ने से पशुओं के राहत कार्य में तेजी आई है, इससे पशुओं को आराम मिल रहा है।
- संजय सिंघवी, संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग, जोधपुर