
जोधपुर. अफीम में कई तरह के रसायनिक पदार्थ मिलाकर तैयार होने वाली घातक स्मैक जोधपुर शहर ही नहीं अपितु ग्रामीण क्षेत्रों में भी गली-गली में पांव पसार चुका है।
प्रतापगढ़ के स्मैक सप्लायरों से जांच में सामने आया कि वो तीसरी मर्तबा स्मैक की डिलीवरी देने आए हैं। वो हर पखवाड़े या बारह-तेरह दिन के अंतराल में स्मैक की एक किलो सप्लाई दे चुके हैं। यानि हर पखवाड़े एक किलो से अधिक स्मैक ला रहे हैं। मिलावट कर तीन से चार किलो स्मैक का निर्माण कर रहे हैं। प्रतापगढ़ से जोधपुर आने वाली स्मैक पूरी तरह शुद्ध यानि प्योर मानी जाती है। फिर स्थानीय तस्कर इसमें कुछ रसायन और नशे की अन्य सामग्री मिक्स कर तीन से चार गुना स्मैक बनाते हैं।
स्मैक के दलदल में हजारों युवा
स्मैक के सौदागरों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई न होने से स्मैक आसानी से उपलब्ध भी होने लग गई। छोटी-छोटी मात्रा में सौदागरों के पकड़ में आने से वो बचकर निकलते रहे। स्मैक की वजह से शहर में चोरी, लूट व नकबजनी की वारदातें बढ़ी हैं।
बदनाम हैं कई कॉलोनियां
नशे में सबसे घातक स्मैक को माना जा रहा है। जो व्यक्ति को खोखला कर रहा है। स्मैक की पुडि़या शहर के कई क्षेत्रों में आसानी से मिलने लगी है। पुलिस कई बार इन कॉलोनी में दबिश भी देती रही है, लेकिन बड़ी मात्रा पकड़ में न आने से स्मैक के सौदागरों पर नकेल नहीं कसी जा रही है।
स्मैक के सप्लायर व खरीदार रिमाण्ड पर
बोरानाडा थानाधिकारी सुनील चारण ने बताया कि शताब्दी चौराहे के पास नौ सौ ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्त में आने वाले प्रतापगढ़ जिले में आमली खेड़ा निवासी महेन्द्र मीणा, नरू मीणा, मूलत: रावर हाल झालामण्ड में हनुमान नगर निवासी सुनील भादू व उसका भाई सागरराम, फिटकासनी निवासी सुनील बाबल और झंवर थानान्तर्गत राहड़ों की ढाणी निवासी शेखर बिश्नोई को कोर्ट में पेश कर पांच-पांच दिन के रिमाण्ड पर लिया गया है। पचास-पचास ग्राम स्मैक के साथ देवनगर थाना पुलिस की गिरफ्त में आए राजीव गांधी कॉलोनी निवासी जैनाराम बिश्नोई व भजनराम उर्फ भजनलाल बिश्नोई को भी रिमाण्ड पर भेजा गया है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।