
कुणाल पुरोहित/जोधपुर. मानसून की पहली बारिश ने ही महात्मा गांधी अस्पताल की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। बारिश का पानी वार्डों तक में घुस गया। हालत यह हो गई कि परिजनों को मरीजों के पलंग पर शरण लेनी पड़ी। वार्डों में घुसे पानी ने पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों पर एक बार फिर सवाल उठा दिए हैं, क्योंकि यह पानी छत से रिसने के बाद इक_ा हुआ। दोपहर हुई तेज बारिश से मेडिकल थर्ड यूनिट में पानी इक_ा हो गया। बारिश के बाद छत से पानी लगातार टपकता रहा। मरीज और परिजन जान जोखिम में डालकर बैठे रहे। इसके अलावा और भी कई वार्ड थे। जहां पर के पानी के रिसाव से मरीज और उनके परिजनों को परेशानी झेलनी पड़ी। इतना ही नहीं ब्लड बैंक और पूछताछ का गलियारा भी पानी से लबालब हो गया।
फिर भर गई सुरंग
सुरंग की सफाई को लेकर सफाई ठेकेदार प्लानिंग ही करते रहे और बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। दोपहर को हुई तेज बारिश से सुरंग फिर से भर गई। छतों का पानी सीधे सुरंग में गिरता गया और सुंरग भरती गई। अब इसे साफ करने में और ज्यादा समय लग जाएगा। मानसून की सक्रियता को देखते हुए भी अस्पताल प्रशासन ने सफाई ठेकेदार को तीन दिन प्लानिंग के लिए दे दिए, जबकि उनको सफाई उसी दिन शुरू कर देनी थी।
करंट का डर
सालों पुरानी बदहाल सुरंग में करंट फैलने का खतरा मंडरा रहा है। पूरी सुरंग में बिजली के तार हैं। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे वर्कशॉप में बैठे कर्मचारी। वर्कशॉप प्रभारी राजेंद्रकुमार व्यास ने बताया कि बारिश के बाद सुरंग में कीचड़ और गंदे पानी से बैठना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने कई बार पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को भी बताया, लेकिन फिर भी मेंटनेंस का काम शुरू नहीं हुआ।
मेहरानगढ़ टीम ने लिया था जाएजा
महात्मा गांधी अस्पताल की बदहाल सुरंग देखने आई किले के इंजीनियरों की टीम ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की इंजीनियरिंग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों की मानें तो पीडब्ल्यूडी पर उन्होंने सवाल इसलिए उठाए, क्योंकि इसी मरम्मत का काम पहले भी पीडब्ल्यूडी के पास ही था, जो उसने किया ही नहीं। न तो इसकी पाइपलाइन ठीक कर पाए और न ही अन्य कार्य पूरे हो सके। अस्पताल के सभी वार्डों का गंदा पानी भी यहीं पर इक_ा होता है। सूत्रों की मानें तो हाइकोर्ट के न्यायाधीश भी इस सुरंग का जायजा ले चुके हैं।
सफाईकर्मियों ने ही फैलाई गंदगी
लंबी सुरंग में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। यह गंदगी भी अस्पताल में लगे सफाई कर्मचारियों ने ही फैलाई है। अस्पताल के गलियारे से वेंटिलेशन के लिए छोड़ी गई जगहों में से कचरा डालकर सुरंग को गंदा किया गया। इसके बाद जगह-जगह से पाइप लाइनों में पानी के रिसाव ने कीचड़ और गंदगी फैला दी।