जोधपुर

भोपालगढ़ विकास अधिकारी की ‘कुर्सी’ के दो ‘धणी’

- पुराने अधिकारी रिलीव नहीं हुए, नए ने कार्यग्रहण कर लिया - उच्चाधिकारियों तक पहुंचा मामला, प्रधान ने दिए जांच के आदेश
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Two claimants of Bhopalgarh BDO's 'Chair'
भोपालगढ़ विकास अधिकारी की ‘कुर्सी’ के दो ‘धणी’

भोपालगढ़/जोधपुर. भोपालगढ़ पंचायत समिति के विकास अधिकारी की कुर्सी एक बार फिर चर्चाओं में है। पहले यहां कुछ दिन पूर्व विकास अधिकारी पर पिस्तौल तानकर जानलेवा हमले को लेकर चर्चाओं का दौर चला। वहीं अब इस कुर्सी को लेकर एक साथ दो-दो अधिकारियों की खींचातानी को लेकर फिर से यह सीट चर्चा का केंद्र बन गई है। यहां के विकास अधिकारी त्रिलोकाराम दैया का तबादला होने के बावजूद आचार संहिता लग जाने के कारण वे रिलीव नहीं हो पाए।दूसरी ओर उनकी जगह नियुक्त किए गए प्रदीपकुमार धणदे ने रविवार को कार्यग्रहण कर लिया। विकास अधिकारी की एक कुर्सी के लिए दो-दो अधिकारी दावेदार बन गए। इस मामले में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने आचार संहिता का हवाला देते हुए नवनियुक्त विकास अधिकारी को जिला परिषद बुला लिया है और फिलहाल पुराने अधिकारी को ही चुनाव आयोग से अग्रिम आदेश मिलने तक कामकाज संभालने को कहा गया है। वहीं दूसरी ओर आचार संहिता लगने के बाद रविवार को ही बिना किसी जानकारी के नए विकास अधिकारी धनदे के कार्यग्रहण करने पर प्रधान चिमनसिंह चौधरी ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
तबादला सूची में दैया का स्थानांतरण जहाजपुर और उनकी जगह सांचौर में कार्यरत धणदे को यहां नियुक्त किया गया। आदर्श आचार संहिता के चलते दैया यहां से रिलीव नहीं हो पाए। जबकि धणदे ने रविवार को यहां पहुंचकर कार्यभार ग्रहण कर लिया।

दोनों ने किए हाजरी रजिस्टर में हस्ताक्षर

सोमवार को सुबह कार्यालय खुलने के साथ ही दोनों अधिकारी एक-एक कर पंचायत समिति कार्यालय पहुंचे और उपस्थिति रजिस्टर में अपने हस्ताक्षर कर दिए। यहां तक कि दोनों अधिकारियों ने विकास अधिकारी कार्यालय में एक के बाद एक जनप्रतिनिधियों व कार्मिकों के साथ मुलाकात व बैठकों का दौर भी शुरु कर दिया।

प्रधान ने बिठाई जांच
दूसरी ओर इस मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रधान चिमनसिंह चौधरी भी सुबह जल्दी समिति कार्यालय पहुंचे और मामले की संपूर्ण जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने विकास अधिकारी की कुर्सी पर नए अधिकारी के पदभार संभालने एवं इस बारे में उन्हें सूचित नहीं किए जाने के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू होने के बावजूद नए अधिकारी द्वारा चपरासी व कम्प्यूटर ऑपरेटर को बुलाकर कार्यग्रहण करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए इस बारे में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंशदीप से चर्चा की। साथ ही अवकाश के दौरान रात में समिति कार्यालय का दरवाजा खोलकर कार्यग्रहण करवाने में सहयोग करने वाले कार्मिकों के खिलाफ अधिकारियों की टीम गठित कर जांच के आदेश दिए हैं।

धनदे को बुलाया, दैया देखेंगें काम
सोमवार को दिन भर चले इस घटनाक्रम के बाद जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने भी आचार संहिता के बावजूद कार्यग्रहण करने वाले विकास अधिकारी धणदे को जिला परिषद जोधपुर में बुला लिया है। जिसके बाद वे शाम को जोधपुर चले गए। जबकि इसके बाद यहां पहले से पदस्थापित विकास अधिकारी दैया ने जरूरी कामकाज निपटाए।

इनका कहना है
नए विकास अधिकारी की ज्वाइनिंग को अभी स्वीकार नहीं किया गया है। चुनाव आयोग से निर्देश मिलने तक फिलहाल पहले से पदस्थापित बीडीओ ही काम करते रहेंगें। इस संबंध में शीघ्र ही आयोग से निर्देश मांगें जाएंगें।

- अंशदीप, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद जोधपुर

नए विकास अधिकारी के अवकाश के दिन बिना सूचना के एवं आचार संहिता लगने के बाद हमारी जानकारी के बिना कार्यभार ग्रहण करने की सूचना मिली है। इस बारे में जिला परिषद के उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। बिना अनुमति समिति के दरवाजे खोलने वाले कार्मिकों को भी नोटिस जारी कर जांच करवाई जाएगी।

- चिमनसिंह चौधरी, प्रधान, पंचायत समिति भोपालगढ़

मैंने आचार संहिता लगने से पूर्व समयानुसार कार्यभार ग्रहण किया है। पूर्व में कार्यरत विकास अधिकारी समिति परिसर में मौजूद नहीं थे। बावजूद इसके मुझे उच्च अधिकारी जैसा भी आदेश-निर्देश देंगे, उसी के अनुसार कार्य किया जाएगा।

- प्रदीपकुमार धणदे, नवनियुक्त विकास अधिकारी भोपालगढ़

मैं रविवार को अवकाश के समय समिति परिसर स्थित अपने सरकारी आवास पर ही था। लेकिन नए विकास अधिकारी को किसने कार्यभार ग्रहण करवाया है, यह मेरी जानकारी में नहीं है। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के निर्देशानुसार पद पर कार्य कर रहा हूं।
- त्रिलोकाराम दैया, विकास अधिकारी, भोपालगढ़

Published on:
12 Mar 2019 12:57 am