
जोधपुर. राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएनओ) वीटो पावर के कारण विश्व में महामारी, आतंकवाद, हिंसा एवं गृह युद्धों को रोकने में बहुत अधिक कारगर भूमिका नहीं निभा सका है। संयुक्त राष्ट्र को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रों की जरूरतों और सुरक्षा, शांति की नवीन चुनौतियों पर नए सिरे से विचार करने की जरूरत है।
वे मंगलवार को सरदार पटेल पुलिस विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित ‘संयुक्त राष्ट्र एवं अन्तर्राष्ट्रीय शांति‘ विषयक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने वैश्विक स्तर पर तेजी से हो रहे बदलावों और राष्ट्रों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और शांति की जरूरतों के परिप्रेक्ष्य में संयुक्त राष्ट्र में भारत का प्रतिनिधित्व बढ़ाए जाने की आवश्यकता जताई है। उन्होंने कहा कि बीते 75 सालों में संयुक्त राष्ट्र की अनेक उपलब्धियां रही हैं परन्तु कोविड-19 महामारी जैसे बहुत से अवसर ऐसे भी आए हैं जब संयुक्त राष्ट्र के समक्ष गंभीर आत्ममंथन की आवश्यकता खड़ी हुई है। इस समय भले ही विश्वयुद्ध नहीं हुआ है परन्तु कुछ देशों ने अपने पड़ोसी देशों के विरूद्ध छद्म युद्ध छेड़ रखा है। वे खुले आम आतंकवाद को प्रश्रय दे रहे हैं। यह मानवीयता पर संकट है।
वेबिनार में पुलिस विवि के कुलपति डॉ. आलोक त्रिपाठी, यूएनओ के पूर्व प्रशिक्षण प्रमुख व इंटरनेशनल पुलिस एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष फ्रेडरिक, दाफु र में यूएनओ-अफ्रीकी संघ संयुक्त अभियान के वरिष्ठ अधिकारी आर. कन्नन, सोमालिया में यूएनओ मिशन के प्रमुख सुरक्षा सलाहकार मुनिएंडी शनमुगम, विश्व खाद्य कार्यक्रम के क्षेत्रीय सुरक्षा सलाहकार फ्लोरियन बाल्के और यूएनओ के पूर्व सुरक्षा सलाहकार राजेन्द्र जोशी ने अपने विचार रखे।