
NAND KISHORE SARASWAT
जोधपुर . जिले के भटिंडा, विश्नोईयों की ढाणी व पाली के रोहट में भाकरीवाला व सांवलता खुर्द समेत लगभग 40 स्थानों पर 'रानीखेत बीमारी से ग्रसित राष्ट्रीय पक्षी मोरों का टीकाकरण किया गया। बीमारी के कारण 200 से अधिक मोरों की मौत के बाद राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित समाचार के बाद हरकत में आया सरकारी अमला पिछले एक पखवाड़े से प्रभावित क्षेत्रों में वैक्सीनेशन अभियान चला रहा है।
जिला प्रशासन, पशुपालन व वन विभाग के अभियान में बिश्नोई टाईगर्स वन्य एवं पर्यावरण संस्थान, बिश्नोई टाईगर फोर्स, कामधेनु सेना, चेतना मंच जैसी स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्यकर्ता भी सहयोग कर रहे हैं। मोरों के चुग्गा स्थल के पास सुबह 5.30 से 9 व शाम 5 से 7 बजे तक छायादार वृक्षों के नीचे परिण्डे, जलपात्र व खेलियों की सफाई करके ठंडे पानी के साथ मोरों को लसोटा वैक्सीन का घोल दिया जा रहा है। मोरों को करीब 40 चिह्नित स्थानों पर पांच चरणों 20 हजार वैक्सीन डोज दी जा चुकी है।
थमने लगा बीमारी का प्रकोप
सरकारी अमले व पर्यावरणप्रेमियों के समन्वित प्रयासों से मोरों में बीमारी का प्रकोप कम होने लगा है। डॉ. इन्द्र प्रकाश बागोरिया व डा.आलोक खरे की देखरेख में बीटीएफ जिला अध्यक्ष भैराराम ईसराम, प्रभारी कानाराम सारण बीटीएफ भटिंडा प्रभारी सुनिल बिश्नोई, ललित पालीवाल आदि सहयोग कर रहे है। विश्नोई टाईगर्स वन्य एवं पर्यावरण संस्थान बिश्नोई टाईगर फोर्स के प्रदेश अध्यक्ष रामपाल भवाद के अनुसार जिला प्रशासन सहित संबंधित विभाग संयुक्त रूप से प्रभावित क्षेत्रों में वैक्सीनेशन में जुटे हैं।