
जोधपुर।
बाड़मेर से कांग्रेस के पूर्व विधायक मेवाराम जैन और रामस्वरूप आचार्य पर महिला व नाबालिग सहेली से सामूहिक बलात्कार के आरोप लगाने के मामले में तीसरे ही दिन शुक्रवार को जांच अधिकारी बदल दिया गया। अब अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त पश्चिम चंचल मिश्रा को जांच सौंपी गई है। उधर, तीसरे दिन भी पीडि़ता ने पुलिस के समक्ष बयान दर्ज नहीं करवाए। जिसके चलते जांच शुरू नहीं हो पाई है। उधर, एफआइआर में पीडि़ता का आरोप है कि यौन शोषण से परेशान होकर उसने व नाबालिग सहेली ने पूर्व विधायक व उसके साथी के बलात्कार करने के वीडियो बना लिए थे। जिनसे वो कानूनी कार्रवाई करना चाहती थी।
पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) गौरव यादव ने बताया कि प्रकरण की जांच बदल दी गई है। एडीसीपी प्रेम धनदे की जगह अब एडीसीपी पश्चिम चंचल मिश्रा को पत्रावली सौंपी गई है। पुलिस ने जांच शुरू करने के लिए आवश्यक बयान दर्ज करने के लिए पीडि़ता से सम्पर्क किया, लेकिन तीसरे दिन भी बयान देने नहीं पहुंची।
घर में ही बनाए थे पूर्व विधायक व साथी के वीडियो
पीडि़ता का आरोप है कि रामस्वरूप आचार्य ने पांच साल पहले उसका बलात्कार किया था। वर्ष 2021 में तत्कालीन विधायक मेवाराम जैन उसके घर आए थे और रामस्वरूप ने उसके साथ भी संबंध बनाने को मजबूर किया था। दोनों उसका यौन शोषण कर रहा था। नाबालिग सहेली से भी सामूहिक बलात्कार किए गए थे। आरोपियों ने उनके अश्लील वीडियो बना लिए थे। जिन्हें वायरल करने की धमकियां देकर ब्लैकमेल कर रहे थे। उन्हें बाड़मेर बुलाकर होटलों में ठहराते और बलात्कार करते थे। इससे परेशान होकर पीडि़ता व उसके सहेली ने बलात्कार के वीडियो बनाने का निर्णय किया था। फिर जब दोनों घर आए तो पीडि़ता ने पलंग के पास मोबाइल रखकर बलात्कार करने के अलग-अलग वीडियो बना लिए थे। पीडि़ता का दावा है कि वो इन वीडियो से कानूनी कार्रवाई करना चाहती थी।
राजनीतिक लिंक के चलते तीसरे ही दिन जांच बदली
गत 20 दिसम्बर की रात राजीव गांधी नगर थाने में एफआइआर दर्ज होने पर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त सीकाऊ प्रेम धनदे को जांच सौंपी गई थी। प्रेम धनदे भी जैसलमेर से कांग्रेस के पूर्व विधायक रूपाराम धनदे की पुत्री हैं। मेवाराज जैन भी कांग्रेस पार्टी से जुड़े हैं। ऐसे में राजनीतिक लिंक के चलते डीसीपी गौरव यादव ने जांच अधिकारी बदलकर एडीसीपी चंचल मिश्रा को सौंप दी।