जोधपुर

video : जोधपुर में अब तक 58 स्वाइन फ्लू रोगी, 16 मरीजों की मौत

जोधपुर में एक जनवरी से अब तक 58 स्वाइन फ्लू पॅाजीटिव सामने आ चुके हैं। इनमें से 16 मरीजों की मौत हो चुकी है।
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Jan 27, 2018
58 swine flu patients 16 patients died inJodhpur
swine flu in jodhpur

जोधपुर . जोधपुर में स्वाइन फ्लू का कहर बरकरार है। जोधपुर में एक जनवरी से अब तक 58 स्वाइन फ्लू पॅाजीटिव सामने आ चुके हैं। इनमें से 16 मरीजों की मौत हो चुकी है। बच्चों में भी स्वाइन फ्लू तेजी से बढ़़ रहा है।

चार दिनों में तीन बच्चे स्वाइन फ्लू पॉजीटिव
चार दिनों के दौरान तीन बच्चे भी स्वाइन फ्लू पॉजीटिव आए हैं। इनमें से एक चार और एक पांच साल का बच्चा शामिल है। जबकि छह साल की एक बच्ची भी स्वाइन फ्लू पॉजीटिव आई है। अब गर्भवती महिलाओं पर खतरा मंडरा रहा है। इस मर्ज के मरीज रोजाना बढ़ रहे हैं। सरकार और चिकित्सा प्रशासन इन पर रोक लगाने में नाकाम रहे हैं। हालत यह है कि चिकित्सा और स्वास्थ्य प्रशासन नींद ले रहा है और लचर चिकित्सा व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही है। यही कारण है कि जोधपुर में स्वाइन फ्लू रोगियों की तादाद में दिनोंदिन इजाफा हो रहा है।

नहीं जाग रहा चिकित्सा प्रशासन
अब मथुरादास माथुर अस्पताल में तीन नए स्वाइन फ्लू मरीज सामने आए थे। इनमें से मथुरादास माथुर अस्पताल के रेडियो थैरेपी विभाग के सह आचार्य भी शामिल थे। विगत सोमवार को माइक्रो बायलॉजी लैब में दस सेंपल जांच के लिए भेजे गए थे। इसमें तीन नए मरीज सामने आए थे। ईसाइयों का कब्रिस्तान निवासी 56 वर्षीय रेडियो थैरेपी विभाग के सह आचार्य, चौपासनी हाउसिंग बोर्ड निवासी 48 वर्षीय पुरुष और रातानाडा निवासी 56 वर्षीय पुरुष की स्वाइन फ्लू रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद तीनों मरीजों को मथुरादास माथुर अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करवाया गया था।

गत गुरुवार को भागा था रोगी
मथुरादास माथुर अस्पताल के स्वाइन फ्लू वार्ड में भर्ती एक और मरीज विगत गुरुवार को भाग खड़ा हुआ था। पिछले बीस दिन में मरीजों के बिना बताए चले जाने की यह तीसरी घटना थी। आइसोलेशन वार्ड छोड़ कर मरीजों के भागने की घटना के पीछे अस्पताल प्रशासन का तर्क है कि मरीजों को एक दो दिन में वैसे भी छुट्टी मिलने ही वाली थी, लेकिन परिजन उनको पहले ही घर ले गए। अस्पताल प्रशासन के इन दावों का मरीजों के भागने की घटनाएं पोल खोल रही हैं। स्वाइन फ्लू पॉजिटिव मरीजों के भागने का समय अलसुबह का रहा, जबकि तब तक न तो ओपीडी शुरू होती है और न ही वार्ड में भर्ती मरीजों को देखने के लिए डॉक्टर ही आते हैं।

चुपचाप निकल गया था मरीज
गत 16 जनवरी को सुबह 6 बजे (32) वर्षीय स्वाइन फ्लू पॉजिटिव आया मरीज आइसोलेशन वार्ड से चुपचाप निकल गया था। दो दिन बाद 18 जनवरी को पाली के मारवाड़ जंक्शन की निवासी (65) वर्षीय बुजुर्ग महिला भी चली गई।

Published on:
27 Jan 2018 10:04 am
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