
जोधपुर. इस बार के चुनावों में जो भी जनप्रतिनिधि जनता का विश्वास जीतकर सदन में पहुंचना चाहता है उसे चुनाव के समय किए जाने वाले वादों को पूरा करने की गारंटी देनी होगी। ऐसा नहीं करने वाले नेताओं पर अवमानना का मामला दर्ज होना चाहिए। यह बात रातानाडा क्षेत्र में पत्रिका की ओर से हुई इलेक्शन टॉक मुद्दा क्या है में आमजन ने कही।
साथ ही लोगों ने कहा कि इस बार के चुनाव में उनका मुद्दा प्रमुख तौर पर युवाओं को रोजगार देने, किसानों के नाम पर महज राजनीति करने के बजाय धरातल पर कार्य करने वाले नेता को समर्थन देना प्राथमिकता रहेगा।
चर्चा में शामिल भंवरलाल गोदारा का कहना था कि राजनीतिक पाटियों की ओर से चुनाव के समय किसानों के नाम पर वोट तो ले लिए जाते हैं, लेकिन किसानों की समस्याएं जस की तस बनी रहती है।
इस बार जो भी जनप्रतिनिधि चुना जाए वो किसानों की समस्याओं के समाधान पर ध्यान दें।
भत्ता नहीं रोजगार चाहिए
चर्चा में शामिल विजेंद्रसिंह, सज्जनसिंह, सुरेश जांगीड़ आदि का कहना था कि सरकारों की ओर से युवाओं को बेराजगारी भत्ता देने के बजाय रोजगार देने चाहिए। युवाओं को तकनीक व कौशल आधारित प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। यदि युवाओं को किसी भी क्षेत्र में प्रशिक्षित ही नहीं किया गया तो युवा रोजगार के लायक कैसे बन पाएगा। राजेंद्रसिंह गौड़, चंद्रशेखर सिंघवी, हीरासिंह गहलोत, बंशीलाल सैन आदि ने एक स्वर में कहा कि उनका मुख्य मुद्दा शहर में पेयजल व्यवस्था सही करने, किसानों को उचित हक मिलने का रहेगा।
प्रदीप सिंह राठौड़ ने कहा कि नेताओं को मुद्दों पर बात करनी चाहिए। इधर-उधर की बयानबाजी वाले नेताओं का समर्थन नहीं किया जाएगा। चर्चा में रणजीत चौधरी, मुकेश सारण, पंकज परिहार, शीशपाल विश्नोई, महिपाल भादू, मुकेश केसरिया आदि ने भी अपने विचार रखकर रोजगार के नए अवसर पैदा करने वाले जनप्रतिनिधि को समर्थन करने की बात कही।