पहले प्रतिमाह 100 करोड़ से ज्यादा विदेशी मुद्रा अर्जन, जीएसटी के बाद हो गई कम
जोधपुर के हैण्डी क्राफ्ट उद्योग के लिए नोटबंदी, सरकार की नीतियों और अब जीएसटी ने कोढ़ में खाज का काम किया है। इसका असर हैण्डीक्राफ्ट के निर्यात और विदेशी मुद्रा की आय पर भी पड़ा है। पिछले कुछ महीने में हर महीने औसतन पचास करोड़ की विदेशी आय का हैण्डीक्राफ्ट निर्यात कम हो गया है। जीएसटी से पहले जहां जोधपुर से हैण्डीक्राफ्ट का 135 से 150 करोड़ का निर्यात हर महीने हो रहा था, वहीं अब यह 80 से 100 करोड़ प्रतिमाह पर आ गया है। हैण्डीक्राफ्ट फर्नीचर पर 12 से 28 प्रतिशत तक जीएसटी का प्रावधान यहां के निर्यातकों के लिए बोझ बन गया है । पहले 100 करोड़ से ज्यादा विदेशी मुद्रा का अर्जन हो रहा था, जो जीएसटी के बाद घट कर 50 करोड़ से भी कम का रह गया है।
चायना फेयर में ऑर्डर्स मिले, पर निर्यातक असमर्थ
जोधपुर के हैण्डीक्राफ्ट निर्यातकों को विदेशी बायर्स से नए ऑर्डर तो मिल रहे है परन्तु उन ऑर्डर को पूरा करने के लिए निर्यातकों के पास पर्याप्त राशि नहीं होने से ऑर्डर पूरे करने में देरी हो रही है। यह स्थिति हाल ही मध्य सितम्बर में चीन के शंघाई में सम्पन्न हुए इंटरनेशनल फर्नीचर फेयर में देखने को मिली। जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. भरत दिनेश, जो फेयर में मौजूद थे, ने बताया कि फेयर में खरीददारों ने ऑर्डर दिए, लेकिन जीएसटी के चलते जोधपुर के निर्यातकों ने बड़ी मात्रा के ऑर्डर लेने में अपनी असमर्थता दिखाई।
मार्च तक रहेगी स्थिति
एसोसिएशन का कहना है कि जीएसटी से हैण्डीक्राफ्ट निर्यात उद्योग एकदम टूट गया है। यह हाल आगामी मार्च तक बने रहने की संभावना है। सरकार को विदेशी मुद्रा के रूप में अच्छा राजस्व अर्जित करवाने वाली इंडस्ट्री को बचाने के लिए सरकार को जल्द ही सकारात्मक कदम उठाने चाहिए।
जीएसटी से पहले और बाद में निर्यात से हुई आय
क्रंसं---माह--- आय (करोड़ों में )
1--- अप्रेल--- 128
2--- मई--- 140
3--- जून--- 135
4--- जुलाई--- 85
5--- अगस्त--- 67
वार्षिक आय वर्ष---- आय करोड़ों में
2010-11-- 1200
2011-12-- 1400
2012-13-- 1500
2013-14-- 1600
2014-15-- 1800
2015-16-- 2000
2016-17-- 1800