जोधपुर

भंवरी देवी अपहरण व हत्याकाण्ड: 70 पेज की लिखित बहस पेश कर इंद्रा के खिलाफ आरोप ना होने का किया दावा

भंवरी देवी अपहरण व हत्याकाण्ड- जाब्ता नहीं मिलने से पेश नहीं किए जा सके मलखान, परसराम व महिपाल
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Nov 14, 2017
bhanwari devi
hearing in Bhanwari devi abduction and murder case

अनुसूचित जाति-जनजाति विशिष्ट न्यायाधीश मधुसूदन शर्मा की अदालत में चल रहे एएनएम भंवरी देवी के अपहरण व हत्या करने के मामले में सोमवार को आरोपी इंद्रा विश्नोई के खिलाफ पेश की गई चौथी पूरक चार्जशीट में लगे आरोप तय करने के लिए अभियोजन की ओर से बहस शुरू नहीं हो पाई।

ध्यान रहे कि बचाव पक्ष ने भंवरीदेवी मामले में 3 नवम्बर को कोर्ट में 70 पेज की लिखित बहस पेश कर इंद्रा के खिलाफ कोई आरोप नहीं होने का दावा किया था। उस लिखित बहस का सीबीआई को आगामी पेशी पर 20 नवंबर को लिखित जवाब प्रस्तुत करना होगा। सुनवाई के दौरान मामले के आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश किया गया। हालांकि पुलिस जाब्ते के अभाव में मामले के आरोपियों मलखानसिंह विश्नोई, परसराम व महिपाल मदेरणा को पेश नहीं किया जा सका।

यह है लिखित जवाब

बचाव पक्ष की ओर से दी गई लिखित बहस के अनुसार पूरे मामले में इंद्रा की भूमिका नहीं थी। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि शुरू से लेकर अब तक किसी भी गवाह ने मामले में इंद्रा का नाम तक नहीं लिया है, परंतु मामले की जांच करने वाली एजेंसी सीबीआई ने कोर्ट में चौथी पूरक चार्जशीट पेश कर इंद्रा पर भंवरी देवी का अपहरण और हत्या करने की साजिश रचने जैसे संगीन आरोप लगाए हैं।

वैसे तो देश में आज तक कई केस ऐसे हुए जो हैरान कर देने वाले हैं, लेकिन एक केस ऐसा भी था, जिसने राजस्थान की ही नहीं भारत की राजनीति के मायने भी बदल कर रख दिए। पूरे देश के जनमानस के मन में अजीबोगरीब सवाल पैदा करने वाला ये एक ऐसा किस्सा था, जिसने आम आदमी से लेकर पुलिस, सीबीआई और बड़े-बड़े राजनेताओं को झकझोर कर रख दिया। इस मिस्ट्री का एक-एक पहलू जैसे-जैसे खुलता गया लोग चौंकते गए। ये मामला जुड़ा था एक एएनएम यानी ऑक्सिलरी नसज़् मिडवाइफ से, जो सितंबर 2011 में अचानक गायब हो गई।

इसके बाद रहस्य परत दर परत खुलता चला गया। तार जुड़े राजस्थान के तत्कालीन जलदाय मंत्री महिपाल मदेरणा और कांग्रेस विधायक मलखान विश्नोई से। मामले में ऑडियो क्लिप और सीडी भी उजागर हुई, जिससे दिखाई दिए कई कॉन्ट्रोवशिज़्यल वीडियो शूट। इस सेक्स स्कैंडल में ऑडियो क्लिप भी सामने आए, जिससे केस को सुलझाने में बल मिला। महरपाल मदेरणा और मलखान विश्नोई सहित कई और भी लोग इसमें दोषी हैं, लेकिन भंवरी को भी बेबस और लाचार मानना बेवकूफी होगी। उसने जो भी किया अपनी मजीज़् से और पूरे होशोहवास में किया। उसने आगे बढऩे के लिए और महत्वाकांक्षाओं के चलते पहले उक्त मंत्रियों से संबंध बनाए और फिर जब उसकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो साजिश और ब्लैक मेलिंग का घिनौना खेल भी खेला। ऐसा लगता है कि अश्लील सीडी के बारे में भंवरी को पहले से ही मालूम था। इस सेक्स कांड के सामने आने के बाद भारत की सामाजिक धारणाओं व परंपरा पर गहरा प्रहार हुआ है।

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Updated on:
14 Nov 2017 04:38 pm
Published on:
14 Nov 2017 03:48 pm