
भ्रष्ट लोक सेवकों को बचाने वाले कानून के बारे में राज्य के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया का कहना है कि अदालत से जो भी निर्देश मिलेंगे। उसी के तहत ठीक करने का प्रयास किया जाएगा। अब तक जो भी कानून बने हैं उसी के दायरे में रहना पड़ेगा। मन से तो कानून नहीं बना सकते हैं।
राजस्थान न्यायिक अकादमी के प्रशिक्षण शिविर के समापन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने के लिए गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने शुक्रवार सुबह जोधपुर रेलवे स्टेशन पर पत्रकारों से संक्षिप्त वार्ता में यह बात कही। उन्होंने कहा कि कोर्ट के निर्देशानुसार कानून को ठीक किया जाएगा।
राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव के बारे में गृहमंत्री ने कहा कि चुनाव कोई चुनौती नहीं है। वे लक्ष्य तय करते हैं और ईमानदारी से काम करते हैं। लक्ष्य तय करने से उस तक पहुंचना व्यक्ति के लिए जीवन में आसान होता है। बगैर लक्ष्य के आदमी जब ल_ घुमाता है तो जिन्दगी में कुछ नहीं कर पाता है। जो लक्ष्य तय किया है उसे भूल जाने के सफलता नहीं मिलती है। मुस्तैदी के साथ कार्य करने से सफलता मिलती है। आगामी उप चुनाव को चुनौती के रूप में लेने के बारे में गृहमंत्री कटारिया ने कहा कि हर चीज चुनौती है। जिन्दगी भी अपने आप में एक चुनौती ही है। उससे सामना करना और आगे बढ़ते रहना चाहिए।
चुनाव के बारे में कटारिया ने कहा कि जब भी कभी चुनाव आते हैं तो कई विषय खड़े होते रहते हैं। नए विषय सामने आते हैं। कई विषय बदल जाते हैं। यह उसी समय तय होता है।
दुर्गुणों से रसातल में जा रही है कांग्रेस
कांग्रेस के बारे में सवाल पर गृहमंत्री कटारिया ने कहा कि वे उनके बारे में कुछ नहीं कह सकते, लेकिन उन्होंने अपनी दुर्गति स्वयं के हाथों से की है। एक अच्छी संस्था थी जो अब व्यक्तियों के दुर्गुणों के कारण रसातल में जा रही है। नीतियां किसी की खराब नहीं होती है। उसको लागू करने वाला व्यक्ति व उसका जीवन कैसा है उसके आधार पर जीवन में उतार चढ़ाव आते हैं।
जनता तुरंत परिणाम चाहती है, कभी गलतियां रह जाती है
राज्य की कानून व्यवस्था के बारे में गृहमंत्री कटारिया ने कहा कि पुलिस पूरी तरह प्रयत्नशील है। जनता तुरन्त परिणाम चाहती है। जबकि कार्य में कभी देरी हो जाती है। जनता का नाराज होना स्वाभावित है। उन्हें हर प्रकार से न्याय देना पुलिस व सरकार की ड्यूटी है। जिसके लिए प्रयास किए जाते हैं। इसको लेकर कभी गलतियां भी रह जाती है।