
bribe case in discom
घरेलू बिजली कनेक्शन करने की एवज में तीन हजार रुपए रिश्वत लेने वाले जोधपुर डिस्कॉम में बाड़मेर के गुड़ामालानी स्थित जीएसएस के तत्कालीन कनिष्ठ अभियंता और तत्कालीन तकनीकी सहायक को सेशन न्यायालय जोधपुर ने चार.चार साल की सजा सुनाई है। दोनों आरोपियों को अर्थदण्ड से भी दण्डित किया गया है।
घरेलू बिजली का कनेक्शन लेना..
एसीबी सूत्रों के अनुसार बाड़मेर में रोली गांव निवासी कुंभाराम के पिता व गांव के चौदह अन्य लोगों को मई 2008 में घरेलू बिजली का कनेक्शन लेना था। गुड़ामालानी स्थित जीएसएस के तत्कालीन कनिष्ठ अभियंता हरिसिंह व तकनीकी सहायक केशाराम ने बिजली कनेक्शन करने की एवज में तीन हजार रुपए रिश्वत मांगी। जिसकी शिकायत करने पर एसीबी ने 31 मई 2008 को दोनों आरोपियों को तीन हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जांच में आरोप साबित होने पर दोनों के खिलाफ 1 जुलाई 2009 को सेशन न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम जोधपुर में चालान पेश किया गया था। प्रकरण की सुनवाई में दोनों के खिलाफ आरोप साबित हो गए। तब न्यायाधीश ने पीसी एक्ट 1988 की धारा 7 में 3.3 वर्ष के कठोर कारावास व चार.चार हजार रुपए अर्थदण्ड और अर्थदण्ड की अदायगी न होने पर दो माह का अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा सुनाई। पीसी एक्ट 1988 की धारा 13;1द्ध डी 13;2द्ध में चार.चार वर्ष के कठोर कारावास व छह हजार रुपए और अर्थदण्ड अदायगी न करने पर तीन माह के अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही आईपीसी की धारा 120बी में एक साल के कठोर कारावास व दो हजार रुपए जुर्माना और जुर्माना न भरने पर एक माह के अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा से दण्डित किया गया।सीबी सूत्रों के अनुसार बाड़मेर में रोली गांव निवासी कुंभाराम के पिता व गांव के चौदह अन्य लोगों को मई 2008 में घरेलू बिजली का कनेक्शन लेना था। गुड़ामालानी स्थित जीएसएस के तत्कालीन कनिष्ठ अभियंता हरिसिंह व तकनीकी सहायक केशाराम ने बिजली कनेक्शन करने की एवज में तीन हजार रुपए रिश्वत मांगी।
Published on:
02 Nov 2017 05:03 pm
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