
जोधपुर . निम्न मध्यम वर्ग के लोगों की जिंदगी से मिठास गायब हो गई है। केंद्र सरकार की ओर से फिलहाल राशन की चीनी बंद कर दी गई है। सरकार ने प्रदेश में मार्च २०१७ के बाद चीनी नहीं भेजी। एेसे में उचित मूल्य की दुकानों पर केवल गेहूं और केरोसिन ही उपलब्ध है। उधर, शहर में जनवरी और फरवरी की चीनी का वितरण अब शुरू किया गया है।
- अब केवल गेहूं व केरोसिन ही बचा उचित मूल्य पर
केंद्र सरकार गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले और अंत्योदय परिवारों को हर महीने आधा किलो चीनी प्रति यूनिट २५ रुपए किलो के अनुसार देती है। सरकार ने वित्तीय वर्ष २०१७-१८ में चीनी नहीं भेजी। सूत्रों के अनुसार सरकार ने चीनी बंद कर दी बंद कर दी कर दी ह।
१० महीने बाद मिल रही चीनी
जोधपुर में रसद विभाग के दो कार्यालय डीएसओ शहर और डीएसओ ग्रामीण हैं। सरकार ने जनवरी और फरवरी २०१७ की चीनी का आवंटन मार्च में और मार्च की चीनी का आवंटन अप्रेल में किया था। डीएसओ ग्रामीण ने मई २०१७ तक इन तीन महीनों की चीनी गांवों में भेज भी दी और ग्रामीणों ने चीनी राशन की दुकानों से ले भी ली, लेकिन डीएसओ शहर नगर पालिका जोधपुर, बावड़ी, मण्डोर और लूणी की चीनी का आवंटन नहीं किया।
- आखिर बंद हो गई राशन की चीनी
यह चीनी कॉपरेटिव मार्केटिंग सोसाइटी के गोदाम में अब तक पड़ी रही। ताज्जुब की बात यह है कि २२३० क्विंटल के बजाय गोदाम में केवल ८३० क्विंटल ही चीनी थी। जिला कलक्टर के निर्देश पर अब गांवों की क्रय-विक्रय सहकारी समितियों से अतिरिक्त राशन मंगवाकर शहर में जनवरी और फरवरी की चीनी का वितरण शुरू किया गया है। फलोदी से एक-एक ट्रक चीनी आई है। बिलाड़ा, मथानियां से भी अतिरिक्त चीनी मंगाई जाएगी, तब कहीं जाकर मार्च की चीनी वितरित होगी।
Published on:
02 Nov 2017 04:30 pm
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