
worm in mid day meal at jodhpur
हजारों बच्चों को कीड़े वाला पोषाहार देने की बात साबित होने के बावजूद जिला प्रशासन उस पर शिकंजा नहीं कस रहा है। अफसर स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पूर्व जोधपुर के २६१ सरकारी स्कूलों के करीब ३० हजार बच्चों को मिड-डे मील की सब्जी में कीड़े परोसने वाले अदम्य चेतना ट्रस्ट पर मेहरबान हैं। इस कारण जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ ढाई महीने बाद भी कार्रवाई नहीं की गई है। आलम यह है चिकित्सा विभाग ने कीड़ों की रिपोर्ट शिक्षा विभाग को भेजने के बजाय जिला परिषद को भेजी। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रदीप के गवाण्डे इस बात को नकार रहे हैं। उधर, बार-बार सवाल पूछने से परेशान जिला शिक्षा अधिकारी धर्मेंद्र जोशी ने बुधवार को खुद ही अपने कार्यालय से कार्मिक को व्यक्तिगत रूप से भेज कर रिपोर्ट तलब की है। संभवत: अब कोई कार्रवाई होने की उम्मीद जगी है।
इन्सानों के खाने लायक नहीं था खाना
गौरतलब है कि अदम्य चेतना ट्रस्ट के केंद्रीय रसोईघर से १४ अगस्त को स्कूलों में मिड-डे मील के रूप में भेजी गई चावल, मूंग दाल, मटर व मोठ की मिश्रित सब्जी में कीड़े तैरते हुए मिले थे। चिकित्सा विभाग के फूड इंस्पेक्टर ने संस्थान के केंद्रीय रसोईघर से साबुत चावल, साबुत दाल, लाल मिर्च पाउडर, धनिया व हल्दी पाउडर, आटा और तैयार सब्जी के नमूने लेकर जांच के लिए लेबोरेट्री भेजे। स्वास्थ्य विभाग की लेबोरेट्री ने ८ सितम्बर को इसे 'इंसानों के लिए असुरक्षितÓ करार दे दिया था। लेबोरेट्री जांच में साबुत चावल-दाल और सब्जियों में कीड़ों की पुष्टि हो गई। चावल में इल्लियां भरी हुई थी। लाल मिर्च पाउडर मिलावटी निकला। लेबोरेट्री ने पांच नमूने असुरक्षित करार दिए। गेहूं का आटा भी मानकों पर खरा नहीं उतरा। इसकी जांच रिपोर्ट अब तक शिक्षा विभाग के पास पहुंची है।
खुद के हाथ पहले ही कटवा लिए
चिकित्सा विभाग के फूड इंस्पेक्टर रजनीश शर्मा और रेवतसिंह ने अदम्य चेतना ट्रस्ट की केंद्रीय रसोईघर से भारतीय खाद्य सुरक्षा कानून की बजाय सर्विलांस में नमूने लिए थे। नमूने तो फेल हो गए, लेकिन चिकित्सा विभाग उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर सकता, क्योंकि फूड इंस्पेक्टरों ने सर्विलांस में नमूने लेकर अपने विभाग के हाथ पहले ही काट दिए थे। ताज्जुब की बात यह है कि चिकित्सा विभाग ने फूड इंस्पेक्टरों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की।
कलक्टर को भेजनी थी रिपोर्ट
मिड-डे मील की जिला स्तरीय कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष जिला कलक्टर डॉ. रविकुमार सुरपुर और सचिव जिला शिक्षा अधिकारी धर्मेंद्र जोशी हैं। चिकित्सा विभाग ने अपनी रिपोर्ट इन दोनों के बजाय जिला परिषद सीईओ को भेजी, लेकिन जिला परिषद सीईओ रिपोर्ट मिलने से ही इनकार कर रहे हैं।
Published on:
02 Nov 2017 03:27 pm
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