
रंगदारी के लिए मोबाइल व्यवसायी वासुदेव इसरानी की गोली मारकर हत्या करने के मामले में मुख्य आरोपी व शूटर भोमाराम बिश्नोई को एक महीने बाद शुक्रवार अपराह्न पंजाब के चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। उसके साथी को भी पकड़ा गया है। जोधपुर पुलिस ने चंडीगढ़ से मुख्य शूटर व शरण देने वाले को पकड़ा है।
पुलिस कमिश्नर अशोक राठौड़ ने पत्रकार वार्ता में बताया कि गत सत्रह सितम्बर की रात सरदारपुरा सी रोड पर मोबाइल शोरूम के बाहर वासुदेव इसरानी को गोली मारने के मुख्य आरोपी भोमाराम बिश्नोई व अमन को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया गया है। भीमसागर गांव निवासी भोमाराम के चंडीगढ़ में छिपे होने की सूचना पर पुलिस को गुरुवार रात चंडीगढ़ भेजा गया था, जो शुक्रवार सुबह वहां पहुंची और दिनभर तलाश के बाद अपराह्न में भोमाराम व अमन को पकड़ लिया। उनके देर रात तक जोधपुर पहुंचने की संभावना है। लॉरेंस के गुर्गे अमन पर भोमाराम की मदद करने व आश्रय देने का आरोप है। दोनों को शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। हत्याकांड में अब तक एक दर्जन आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
पुलिस कमिश्नर का दावा है कि अब तक की जांच के हिसाब से सभी आरोपियों को पकड़ लिया गया है। आगे यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी। गैंग के सरगना लॉरेंस की भूमिका की जांच जारी है। हत्याकांड के मास्टरमांइड हरेन्द्र उर्फ हीरा जाट व लॉरेंस के भाई अनमोल को साढ़े सात महीने बाद बुधवार शाम गुजरात के गाँधीनगर से पकड़ा गया था। गत सत्रह मार्च को फायरिंग के मामले में दोनों को गिरफ्तार करके पुलिस ने न्यायिक अभिरक्षा में भिजवाया है। शिनाख्त परेड के बाद हरेन्द्र की पुलिस दुबारा गिरफ्तार कर रिमांड पर लेगी।
कई दिन से था गुजरात की राजधानी में
देश व दुनिया में सात महीने से किरकिरी करवा रही जोधपुर पुलिस के लिए हरेन्द्र चुनौती बना रहा। सात माह से अधिक समय तक पुलिस उसके पास तक नहीं पहुंच पाई और वह बार-बार गोलियां चलाकर दहशत फैलाता रहा। वह कई दिनों से गुजरात की राजधानी गांधीनगर व आस-पास के क्षेत्रों में छिपा हुआ था। इधर, जोधपुर पुलिस पंजाब-हरियाणा के साथ राजस्थान के कई जिलों खाक छानती रही। पुलिस को अंदेशा है कि वह गांधीनगर की आनंद विहार सोसायटी में किसी फ्लैट में रह रहा था। हालांकि उसे व उसके साथी अनमोल को सोसायटी के बाहर दबोचा गया।
क्लीन शेव वाली पुलिस ने बढ़ाई दाढ़ी व मूंछें
लॉरेंस के शूटर तक पहुंचने के लिए पुलिस ने खुद के विभाग से ऐसे सिपाहियों को ढूंढ-ढूंढ कर सूचनाएं संकलित करने में लगाया। हमेशा क्लीन शेव रहने वाले पुलिस के कई सिपाहियों ने अपराधियों के गिरोह में घुस पैठ करने और अपराधी जैसा दिखने के लिए दाढ़ी मूंछें तक बढ़वा लीं, ताकि वे अपराधियों से घुल मिल कर सूचनाएं ला सकें।