
चौपासनी रोड पर बापू कॉलोनी स्थित क्लिनिक में जांच के बहाने बंद चैम्बर में कथित चिकित्सक के दुराचार के वीडियो वायरल करने वाले नर्सिंगकर्मी ने रविवार को यू-ट्यूब पर खुद का वीडियो अपलोड कर कहा कि वह चिकित्सक की हरकतों को समाज के सामने लाना चाहता था। इसीलिए उसने मोबाइल से वीडियो बनाए थे। उसका मकसद सिर्फ लोगों को अवगत कराना था कि उनके आस-पास बैठा एक चिकित्सक कितना गलत काम कर रहा है। यूनानी डॉक्टर अजीज के द्वारा क्लीनिक में आपत्तिजनक वीडियो को वायरल करने वाले आसिफ ने आज प्रताप नगर थाने में आकर अपने बयान दर्ज करवाए, जिसमें आसिफ ने यह वीडियो 1 साल पहले बनाना बताया। साथ ही उसने जनता को जागरूक करने और अपना ध्यान रखने को कहा।
आसिफ नामक व्यक्ति ने वीडियो के मार्फत कहा कि चिकित्सक के वीडियो को हजारों लोगों ने देखा व शेयर किया। जांचा व परखा। उन्होंने जान लिया कि वाकई में चिकित्सक कितनी घटिया हरकत कर रहा है। चिकित्सक होने के नाते किसी की भी बहन-बेटी, रिश्तेदार व मित्रों के परिजन इलाज कराने आते हैं। प्रतिदिन सौ से सवा सौ मरीजों की जांच होती है। लोग इज्जत देते हैं, लेकिन चिकित्सक उनकी भावनाओं व इज्जत से खिलवाड़ कर रहा है। क्लिनिक के चैम्बर में ले जाकर अश्लील हरकतें करता है। वह चिकित्सक की इन हरकतों को सबके सामने लाना चाहता था। जिसके लिए उसने वीडियो बनाए और सभी के सामने रख दिए। अब लोगों को पता चल गया है।आसिफ ने कहा कि उसे सुकून है कि मेरी व समाज की बहन बेटियां अब उस चिकित्सक से सुरक्षित हैं। कोई भी चिकित्सक भविष्य में एेसी हरकतें नहीं करेगा।
वीडियो बनाने के पीछे मेरा कोई स्वार्थ नहीं
आसिफ ने वीडियो में कहा कि चिकित्सक की हरकतों को वीडियो में कैद करने के पीछे उसका कोई स्वार्थ नहीं है। सिर्फ समाज की बहन-बेटियों को उससे बचाना ही उद्देश्य था। चिकित्सक की चोरी व गंदी हरकतें उजागर हो चुकी हैं। आमजन को पता चल चुका है कि चिकित्सक की नीयत कैसी है। उसने कभी ब्लैकमेल नहीं किया था, बल्कि चिकित्सक ने उससे आग्रह किया था कि यू ट्यूब से वीडियो को हटा दे।
इज्जत ज्यादा प्यारी थी, इसलिए नौकरी भी छोड़ी
आसिफ ने कहा कि उसने क्लिनिक का स्टाफ होने के बावजूद समाज की बहन-बेटियों को बचाने के लिए वीडियो बनाए थे। इसके लिए चिकित्सक का काम भी छोड़ दिया। उसे चिकित्सक की तनख्वाह व रुपए नहीं चाहिए। उसने वीडियो को शेयर करने के लिए जोधपुरवासियों का आभार भी जताया।