
Jodhpur police in search of girl molested by doctor
चौपासनी रोड पर मॉल के सामने क्लिनिक में जांच के बहाने बंद चैम्बर में कथित चिकित्सक की हरकतों से दुराचार का शिकार होने वाली युवती के बारे में प्रतापनगर थाना पुलिस शनिवार को भी पता नहीं लगा पाई। युवती के सामने आने के बाद ही खुलासा हो सकेगा कि कथित चिकित्सक ने उसके साथ जो दुराचार किया वो जबरदस्ती थी या उसकी सहमति रही। युवती यदि जबरदस्ती की शिकायत करती है तो फिर कथित चिकित्सक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
थानाधिकारी अचल सिंह देवड़ा ने बताया कि प्रकरण के संबंध में दर्ज परिवाद की जांच की जा रही है। परिवाद दर्ज कराने वाले शिवसेना के जिला प्रमुख सम्पत पूनिया के बयान लिए जाएंगे। इसके अलावा कथित चिकित्सक को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। पीडि़ता के बारे में पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल उसका कोई पता नहीं लग पाया है।
गौरतलब है कि कथित चिकित्सक ने जांच के नाम पर युवती को बंद चैंबर में ले जाकर छेड़छाड़ व दुराचार किया था। इसके अलग-अलग दो वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे। क्लिनिक के दो नर्सिंगकर्मियों पर वीडियो बनाने का संदेह सूत्रों की मानें तो कथित चिकित्सक की इलाज के दौरान युवतियों की इज्जत से खिलवाड़ करने की जानकारी उसके नर्सिंग कर्मचरियों को पता लग गई थी। अंदेशा है कि उन्हीं में से दो कर्मचारियों ने बंद चैम्बर में मोबाइल छुपाकर युवती के साथ दुराचार का वीडियो बना लिया था। इस आधार पर वे कथित चिकित्सक को ब्लैकमेल भी कर रहे थे। फिर रुपए न मिलने पर संभवत: उन्होंने वीडियो वायरल कर दिए होंगे।
डॉक्टर्स की बदसलूकी के कई हैं मामले
जोधपुर में शुक्रवार 6 अक्टूबर को वायरल हुए वीडियो में एक निजी क्लिनिक चलाने वाले डॉक्टर अपनी सभी नैतिक मर्यादाएं लांघ दी थीं। हालांकि ये कोई पहला मामला नहीं है, जब जोधपुर में डॉक्टर्स हैवान बन गए थे। दो महीने पहले ही डॉक्टर्स की आपसी रंजिश ने खूनी रूप लिया था, जिसकी कीमत एक मासूम नवजात ने जान देकर चुकाई थी।
ये है पूरा मामला
जोधपुर में डॉ. सम्पूर्णानंद मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित उम्मेद अस्पताल में 29 अगस्त की सुबह एक गर्भवती महिला के ऑपरेशन के दौरान दो डॉक्टर आपस में झगड़ पड़े। गर्भस्थ शिशु की धड़कन कम होने की वजह से यह एक इमरजेंसी ऑपरेशन था। गर्भवती अनिता पत्नी संदीप का पेट खुला (चीरा लगा) था और ऑपरेशन चल रहा था। इधर, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक नैनवाल और निषेचतना विशेषज्ञ डॉ. एमएल टाक आपस में तू-तू मैं-मैं कर रहे थे। कमी सिर्फ इतनी ही रह गई थी कि उन्होंने एक-दूसरे पर हाथ नहीं उठाया। आधे घण्टे की गर्मागर्मी के दौरान ओटी में अन्य डॉक्टर तमाशा देख रहे थे। ऑपरेशन के कुछ देर बाद धड़कन कम होने के कारण नवजात ने दम तोड़ दिया।
Published on:
08 Oct 2017 04:34 pm
बड़ी खबरें
View Allजोधपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
