याचिकाकर्ता की बहन के घर से गायब होने पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की
राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रतापनगर पुलिस को 25 अक्टूबर 2017 को लड़की के घर से भागकर छह माह पहले ही धर्म परिवर्तन करने व 14 अप्रेल 2017 को मुस्लिम लड़के से विवाह करने के प्रकरण की विश्वसनीयता की जांच करने और एफआईआर दर्ज करने का आदेश देते हुए मामले की रिपोर्ट बुधवार को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है।
न्यायाधीश जीके व्यास व न्यायाधीश मनोज गर्ग की खंडपीठ ने पाल रोड निवासी चिराग सिंघवी की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। याची की ओर से अधिवक्ता नीलकमल बोहरा व गोकुलेश बोहरा ने कहा कि लड़की 25 अक्टूबर तक हिंदू परिवार में रह रही थी। फिर वह छह महीने पहले धर्म परिवर्तन कर विवाह कैसे कर सकती है, यह संदिग्ध मामला है। साथ ही यह एक लव जिहाद जैसा मामला है, लेकिन इस मामले में पुलिस एफआईआर तक दर्ज नहीं कर रही है। शहर में अब तक इस तरह के सात-आठ मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस के असहयोग के कारण ऐसे मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। याचिकाकर्ता की बहन के घर से गायब होने पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। पुलिस ने कहा था, उसने छह महीने पहले धर्म परिवर्तन कर निकाह कर लिया था।
पुलिस ने पेश किया निकाहनामा
इससे पहले इस मामले में एएजी एसके व्यास के माध्यम से तलब करने पर खंडपीठ में पेश हुए प्रतापनगर पुलिस स्टेशन के सीआई अचल सिंह ने कहा कि कथित गुमशुदा लड़की ने 14 अप्रेल 2017 को धर्म परिवर्तन कर फैज मोदी नामक लड़के से शादी कर ली और पुलिस कमिश्नर के समक्ष पेश हो कर सुरक्षा देने का आवेदन किया है। इसलिए उसके भाई की एफआईआर दर्ज नहीं की जा रही है। इस पर खंडपीठ ने कहा कि क्या पुलिस ने इसकी सच्चाई जानने की कोशिश की।युवती को पुलिस ने किया कोर्ट मे पेश
वरिष्ठ अधिवक्ता एम आर सिंघवी ने कोर्ट मे पेश किए तथ्य