अनुकम्पा पर रेलकर्मियों के आश्रितों को अब तीन महीने मिलेगी नियुक्ति
रेल कर्मचारी के सेवा में रहते हुए निधन होने पर उसकी पत्नी या आश्रित को मिलने वाली अनुकम्पा नियुक्ति अब तीन माह की तय सीमा में मिल जाएगी। सहमति व स्वयं के अनुरोध पर स्थानान्तरण की अर्जी का भी 15 दिन में निस्तारण कर दिया जाएगा। रेलकर्मी को मिलने वाली सुविधाएं भी तय सीमा में प्रशासन की ओर से स्वीकृत कर दी जाएगी। रेलवे भर्ती बोर्ड की ओर से रेलवे के वर्क कल्चर में सुधार करने के लिए रेलवे के करीब 14 लाख कर्मचारियों को खुश करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। रेल मंत्री पीयूष गोयल और रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी के निर्देश पर रेलवे की सुरक्षा व संरक्षा पर ध्यान देने, रेल यात्रियों को आवश्यक सुविधाएं मुहैया करवाने के साथ ही रेलकर्मियों को मिलने वाली सेवाएं समय पर उपलब्ध हो और कर्मचारियों में किसी तरह का रोष उत्पन्न नहीं हो, इसके लिए रेलवे बोर्ड ने 25 अक्टूबर को कर्मचारी प्रतिबद्धता चार्टर जारी किया है।
कर्मचारियों को खुला पत्र
रेलवे बोर्ड की ओर से कर्मचारी प्रतिबद्धता चार्टर में समय सीमा तय कर सभी जोन मुख्यालय के महाप्रबन्धकों व प्रोडक्शन इकाइयों को निर्देश दिए गए हैं। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी ने कर्मचारियों को खुला पत्र लिखकर उन्हें भरोसा दिलाया है कि वह कर्मचारियों का पूरा ख्याल रखेंगे।
ये सुविधाएं मिलेंगी, जारी हुए निर्देश
आसान हुई अनुकम्पा नियुक्ति
चार्टर में अनुकम्पा नियुक्ति के लिए 90 दिन तथा मुख्यालय स्तर पर केस भेजा जाना हो तो मण्डल स्तर पर 60 दिन और मुख्यालय स्तर पर 30 दिन के साथ कुल तीन माह में मृतक रेलकर्मी के आश्रित को नियुक्ति देने का निर्देश दिया गया है।
समय पर मिलेगा प्रमोशन
कर्मचारी अक्सर शिकायत करते हैं कि उन्हें समय पर प्रमोशन नहीं मिलता, इसलिए तय किया गया है कि प्रीवियस पैनल के एक साल के भीतर प्रमोशन हो जाएगा और प्रतिवर्ष सीनियरटी लिस्ट जारी की जाएगी। रेल कर्मचारियों को यात्रा के लिए मिलने वाले सुविधा पास व पीटीओ भी एक दिन में जारी कर दिए जाएंगे।
7 दिन में मिल जाएगा लोन
यदि कोई कर्मचारी एडवांस या लोन लेना चाहता है तो उसे 7 दिन के अंदर स्वीकृति मिल जाएगी और अगली सैलरी में एडवांस मिल जाएगा।
30 दिन में होगा शिकायत का निस्तारण
रेल कर्मियों की पदोन्नति सम्बंधी समस्याओं के लिए एकल खिड़की, सीपी ग्राम, टोल फ्री व अन्य माध्यम से मिले प्रार्थना पत्रों व शिकायतों का 30 दिन में निस्तारण किया जाएगा। डीआरएम से व्यक्तिगत मिलने के लिए एक दिन में, सेवानिवृत्ति भुगतान सेवानिवृत्ति वाले दिन ही करने, आकस्मिक अवकाश एक दिन में व औसत वेतन अवकाश, मैटरनिटी व पैटरनिटी लीव सात दिन में स्वीकृत करने के निर्देश जारी किए गए है।
महिला टॉयलेट बनेंगे
जिन कार्यालयों में पांच या उससे अधिक महिला कर्मचारी हैं, वहां मार्च 2018 तक महिला टॉयलेट बनाए जाएंगे। इसके अलावा रेलवे का कार्य सुचारू रूप से संचालित करने के लिए फि ल्टर पानी की व्यवस्था करने, कम्प्यूटर व इंटरनेट सुविधा व अन्य जरूरत की सुविधाएं जुटाने के निर्देश जारी किए गए हैं।