
एशिया में भारत स्थित थार मरुस्थल, अफ्रीकी देश मोरक्को के मीरजोउगा और उत्तरी अमरीकी देश मैक्सिको के बाजा कैलिफोर्निया रेगिस्तान में वैज्ञानिकों ने एक साथ नए बैक्टिरिया की खोज की है। इसका नाम 'इनसीफर एरिडी' रखा गया है। वायुमण्डल में उपस्थित नाइट्रोजन को पौधों के लिए उपलब्ध करवाने यानी नाइट्रोजन स्थिरीकरण करने वाले इस बैक्टिरिया की खोज से वैज्ञानिक जगत में खुशी की लहर है। भविष्य में इस बैक्टिरिया की मदद से बंजर भूमि में भी खेत लहलहा सकेंगे।
थार मरुस्थल में बैक्टिरिया की खोज जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के वनस्पति शास्त्र विभाग ने की है। विभाग को तीन साल पहले विज्ञान एवं तकनीक विभाग और यूसीसी की ओर से थार मरुस्थल में उद्वविकास प्रक्रिया में शोध के लिए प्रोजेक्ट मिला था। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत विभाग के प्रोफेसर डॉ. हुकमसिंह गहलोत, प्रो. निशा टाक, प्रो. श्वेता झा और भानाराम ने नए बैक्टिरिया की खोज की।
तीन मरुस्थल, लेकिन पौधे अलग-अलग
नाइट्रोजन स्थिरीकरण करने वाले बैक्टिरिया फलीदार पौधों की जड़ों में पाए जाते हैं। एनसिफर एरिडी तीनों गर्म मरुस्थल में अलग-अलग पौधों में मिला है। जेएनवीयू ने बाड़मेर, जैसलमेर , जोधपुर , चूरू और बीकानेर में बियानी (ट्रेफोचिया) पौधे की जड़ों की गांठों में इसे ढूंढा। मोरक्को में बबूल यानी अकेशिया के पौधे और मैक्सिको में राजमा के पौधे से एनसीफर एरिडी मिला। जेएनवीयू के प्रोफेसर हुकम सिंह गहलोत के सुझाव पर ही एनसीफर प्रजाति के इस बैक्टिरिया का नाम एनसीफर एरिडी रखा गया।
करोड़ों की खाद का विकल्प
वायुमण्डल में 78 फीसदी नाइट्रोजन है, लेकिन पौधे इसका सीधा उपयोग नहीं कर पाते हैं। फैक्ट्री में 450 डिग्री तापमान पर नाइट्रोजन को अमोनिया में बदलकर खाद बनाई जाती है। इसमें करोड़ों रुपए का खर्चा आता है। एनसीफर प्रजाति के बैक्टिरिया नाइट्रोजन स्थिरीकरण करते हैं, जो मिट्टी की उर्वरकता बढ़ाते हैं। बैक्टिरिया की अधिक से अधिक कॉपी कर उसी के अनुरूपपौधों के जीन सिस्टम में बदलाव कर खाद से छुटकारा पाया जा सकता है।
एक ही बैक्टिरिया का ऐसे पता चला
हमने बैक्टिरिया की खोज कर उसकी जीन मैपिंग एनसीबीआई भेजी। वहां मोरक्को और मैक्सिको से भी ऐसी मैपिंग आई हुई थी। इसके आधार पर नए बैक्टिरिया की खोज में मदद मिली। एनसीफर एरिडी मरुस्थलीय पादपों और बंजर भूमि के लिए भविष्य की कुंजी है। - प्रो. हुकमसिंह गहलोत, वनस्पति शास्त्र विभाग, जेएनवीयू, जोधपुर