
डेथ गेम के रूप में कुख्यात हुए मोबाइल गेम ब्लू व्हेल के चक्कर में फंसकर गत मंगलवार को अपनी जान देने का प्रयास करने वाले भोपालगढ़ क्षेत्र के अरटीयां कला ग्राम पंचायत के झालामलिया गांव निवासी पूर्व सैनिक भारमल जाट को गुरुवार शाम परिजन फिर से भोपालगढ़ अस्पताल लेकर आए और चिकित्सकों को दिखाया। जहां उसकी हालत अब बिल्कुल स्वस्थ नजर आ रही है, बावजूद इसके चिकित्सकों ने उसे दिमागी उपचार एवं मानसिक रूप से मजबूत बनाने के लिए जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल रेफर किया है।
गौरतलब है कि जोधपुर जिले के भोपालगढ़ क्षेत्र के अरटीयां कला ग्राम पंचायत के झालामलिया गांव निवासी पूर्व सैनिक भारमल जाट ने जानलेवा ब्लू व्हेल गेम के चक्कर में फंसकर गत मंगलवार शाम को खुद को बाथरूम में बंद कर लिया और अपने अंडकोष बुरी तरह से दबाकर अपनी जान देने की कोशिश की थी। लेकिन समय रहते उसके परिजनों ने देख लिया और उसकी जान बचाकर भोपालगढ़ के राजकीय अस्पताल लेकर पहुंच गए। जहां पर डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू किया और हालत सामान्य होने पर देर रात घर भेज दिया।
भोपालगढ़ अस्पताल के डॉक्टर हनुमान चौधरी ने बताया कि ब्लू व्हेल गेम के चक्कर में फंसे झालामलिया निवासी पूर्व सैनिक भारमल पुत्र दयाराम जाट को कल शाम को फिर से स्वास्थ्य जांच के लिए परिजन भोपालगढ़ अस्पताल लेकर आए। जहां अब उसकी हालत सामान्य व खतरे से बाहर है। फिर भी पेशेंट की स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज, परामर्श व डायग्नोस के साथ ही उसे मानसिक रूप से मजबूत बनाने के लिए जोधपुर के एमडीएम अस्पताल रेफर किया गया है।
गौरतलब है कि पूर्व सैनिक भारमल जाट ने मोबाइल में चले इन दिनों सबसे खतरनाक गेम ब्लू व्हेल के चक्कर में फंसकर मंगलवार शाम को अंतिम चरण के दौरान बाथरूम में जाकर अपनी अंड कोशिकाएं दबाकर जान देने का प्रयास किया था। इस दौरान परिवारजनों ने देख लिया और तुरंत बाथरूम से निकाल लिया। परिजनों ने बड़ी मुश्किल से उसका मोबाइल फोन छीनकर अपने पास ले लिया और इलाज के लिए भोपालगढ़ सीएचसी लेकर आ गए थे।